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अवैध खनन की करायें सीबीआई जाँच – अखिलेन्द्र

अखिलेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करे
आइपीएफ संयोजक अखिलेन्द्र के उपवास का पाँचवा दिन
लखनऊ 14 जून। प्रदेश में बुदेलखण्ड़ से लेकर सोनभद्र तक बड़े पैमाने पर जारी अवैध खनन ने आम नागरिकों के जीवन, पर्यावरण और पेयजल के लिये गहरा संकट पैदा कर दिया है। यदि यह सरकार अवैध खनन रोकने की दिशा में काम करना चाहती है तो उसे 14 अरब से भी ज्यादा के स्मारक घोटालें, जिसमें मिर्जापुर में अवैध खनन प्रमाणित हुआ है, में लोकायुक्त द्वारा प्रकरण की विवेचना छः माह में सीबीआई या विशेष जाँच दल से कराने की संस्तुतियों को स्वीकार कर इस घोटाले में शामिल सम्बंधित मन्त्री समेत सभी लोगों के विरूद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराना चाहिये। यह बातें आज आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक कॉ. अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने दस दिवसीय उपवास के पाँचवे दिन कहीं।

गौरतलब है कि अखिलेन्द्र का उपवास जन अधिकार अभियान के तहत उ0 प्र0 में कानून के राज की स्थापना के लिये विधानसभा के सामने 10 जून से जारी है। इस उपवास का समर्थन माकपा, राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी समेत तमाम वाम-जनवादी ताकतों द्वारा किया जा रहा है। उपवास स्थल पर लोगों के सम्मुख उन्होंने इलाहाबाद और सोनभद्र का उदाहरण देते हुये बताया कि जो कुछ नौकरशाह कानूनसम्मत काम करने की कोशिश भी करते हैं तो उन्हें पदों से हटा दिया जाता है। इलाहाबाद में चार करोड़ के अवैध सिलका सैण्ड के खनन के खिलाफ कार्रवाही करने के कारण एक ही दिन में इलाहाबाद के कमिश्नर को हटा दिया गया और सोनभद्र में अवैध खनन को चालू करने से इंकार करने वाले डीएम व वनविभाग अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा की अखिलेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करे और अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाए तथा अवैध खनन के पूरे मामले की सीबीआई से जाँच करायें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर सरकार के संरक्षण में हो रहे अवैध खनन की सीबीआई से जाँच कराने के लिये हमने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है और हमें उम्मीद है कि अखिलेश सरकार का हाल भी कर्नाटक की येदुरप्पा सरकार की तरह ही होगा।

माकपा राज्य सचिव कॉ. एस.पी. कश्यप ने कहा कि प्रदेश के जो सवाल अखिलेन्द्र अपने उपवास के माध्यम से उठा रहे हैं वह समाजवादी पार्टी द्वारा किये गए वायदों के दायरे में ही है इसलिये सरकार को अपने वायदे पूरे करने चाहिये और प्रदेश की जनता के हित में इन सवालों को हल करना चाहिये।

राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के सचिव लाल देवेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि यदि सरकार ने निमेष कमीशन की रिर्पोट को एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ विधानसभा के पटल पर रखने में देर न की होती तो खालिद की मौत नहीं होती। अब सरकार को अपने वायदे पर अमल करते हुये इस मौत और गिरफ्तारी की सीबीआई से विवेचना तत्काल शुरू करानी चाहिये ताकि जो अधिकारी इसके लिये जबाबदेह हो उनके विरूद्ध कार्रवाही हो सके। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय कहा कि पूरे प्रदेश में मनरेगा को विफल कर दिया गया है काम का आवेदन करने के बाबजूद लोगों को काम नहीं मिल रहा है और न ही बेकारी भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कितनी शर्मनाक हालत है कि किसानों की बात करने वाले मुलायम सिंह की पार्टी की सरकार में किसानों की फसल खरीदनें के लिये सरकार के पास बोरा तक नहीं है। नेशनल हाईवे की मौजूदगी में हावड़ा-दिल्ली कारिडोर व लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे और गंगा एक्सप्रेस वे जैसी योजनाओं के लिये काम किया जा रहा है जबकि इन सड़क योजनाओं का मकसद किसानों को बर्बाद कर मात्र टाउनशिप को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव व पूर्वमन्त्री कॉ. कौशल किशोर ने कहा कि प्रदेश सरकार को अपने वायदे के अनुरूप लागत मूल्य का पचास प्रतिशत जोड़कर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य धोषित करना चाहिये और किसान आयोग का गठन करना चाहिये। आज उपवासस्थल पर प्रस्ताव लेकर सरकार से माँग की गयी कि यदि सरकार पूर्व माओवादी बासमती कोल को महिला आयोग का सदस्य बना सकती है तो माओवादी होने के नाम पर जो लड़के और महिलाएं जेलों में बन्द हैं उसे उन पर चल रहे गैंगस्टर व गुण्ड़ा एक्ट को तत्काल समाप्त करना चाहिये और सभी की जमानत कराने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिये।

उपवास को मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर, प्रगतिशील लेखक संघ की अध्यक्ष डॉ. किरन सिंह, पूर्व सासंद इलियास आजमी, वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह, आइपीएफ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी आदि ने सम्बोधित किया।

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Rajendra Sharma राजेंद्र शर्मा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार हैं।

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