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एनपीपी सुप्रीमो का राष्ट्रपति से 2019 की संसदीय चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक घोषित करने का आग्रह

Prof. Bhim Singh Jammu-Kashmir National Panthers Party जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो.भीमसिंह

नई दिल्ली, 13 मई, 2019. पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं संवैधानिक वरिष्ठ अधिवक्ता प्रो. भीम सिंह (Pro. Bhim Singh) ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President of India Ramnath Kovind) से आग्रह किया कि वे भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) द्वारा अपनाई गई चुनाव प्रक्रिया (Election Process) को असंवैधानिक घोषित करें, जो चुनाव कानूनों, मतदाताओं के मौलिक अधिकारों और भारत में मतदान प्रणाली (Voting System in India) का उल्लंघन करती है।

पैंथर्स सुप्रीमो ने इस विषय पर एक विस्तृत कानूनी नोट तैयार किया है, जो दृढ़ता से मानता है कि लगभग दो महीने तक सात चरणों में संसदीय चुनाव कराना पूरी तरह से चुनाव कानूनों और मतदाताओं के मौलिक अधिकारों के खिलाफ और भारतीय संविधान के विपरीत है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने कभी ऐसा समय नहीं देखा कि देश में लोकसभा का चुनाव दो महीने में सात चरणों में हुआ हो।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में दुनिया में कहीं भी तानाशाही के अधीन देशों में भी कभी इस प्रणाली को नहीं अपनाया गया। यह नया प्रयोग भारतीय लोकतंत्र का मजाक हैं, जहां चुनाव आचार संहिता दो महीने तक जारी रही, जिससे संपूर्ण विकास कार्य ठप होकर रह गये हैं और ना ही आचार संहिता का पालन हो सकता है कि एक ही लोकसभा क्षेत्र में तीन चरणों में चुनाव किये जायं। ऐसी स्थिति में यह कैसे सम्भव है कि एक राज्य में एक जिल में आचार संहिता लागू हो और उसके साथ वाले जिले में प्रधानमंत्री का भाषण चल रहा हो और मीडिया का प्रचार जारी हो, तो कहां होगी आचार संहिता लागू।

उन्होंने तथाकथित बुद्धिजीवियों, विचारकों और राजनीतिक पंडितों की इस मामले पर चुप्पी पर खेद प्रकट किया। इससे देश का भारी खर्चा हुआ और इस चुनावी नाटक पर राज्य का 100 गुना खर्च किया गया।

प्रो.भीम सिंह ने राष्ट्रपति से सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और कानूनविदों की बैठक बुलाकर उनकी सार्वजनिक राय लेने का भी आग्रह किया। यह भारतीय लोकतंत्र के हित में होगा, जो खतरनाक दौर से गुजर रहा है।

पैंथर्स पार्टी ने भारत के राष्ट्रपति से पूरी चुनाव अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित करने और भारत की संसद को नए सिरे से एक साथ चुनाव कराने का आदेश देने का आग्रह किया, जैसे भारतीय संविधान के लागू होने के बाद चलता आ रहा था। उन्होंने भारत के जाने-माने राजनीतिज्ञों और संवैधानिक विशेषज्ञों से भी उनकी इस सलाह पर गौर करने की अपील की है, जो भारत के भविष्य से जुड़े हैं।

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