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पत्रकारो के समक्ष अपनी विश्वसनीयता कायम रखना एक बड़ा चैलेंज-कुलदीप नैयर

बाराबंकी। व्यवसायिकता के इस दौर मे जहाॅ मीडिया के सामने नए नए चैलेंज खड़े किए है तो वहीं खुद मीडिया के सामने स्वयं उसकी विश्वसनीयता के सामने भी काफी बड़ा चैलेंज आज वर्तमान परिस्थितियों मे खड़ा हो चुका है।

पत्रकारो के हितो के लिए काम करने वाले लखनऊ आधारित मीडिया के संगठन मीडिया नेस्ट की तीसरी सालगिरह के अवसर पर जहांगीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट कस्बा जहांगीराबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत करने आए देश के वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नैयर अपने उक्त विचार इंस्टीट्यूट के छात्रो, पत्रकारो तथा अन्य गणमान्य नागरिको के समक्ष रख रहे थे।
स्टिंग आपरेशन  व मीडिया के विषय पर आयोजित सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे कुलदीप नैयर ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि स्टिंग आपरेशन के पक्ष में वह कदापि नही है, क्योंकि इसके नतीजे अच्छे नही रहे है। हमें समाचार को सनसनीखेज रुप देने से परहेज करना चाहिए, ताकि समाज में भयावह की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। पत्रकारो को किसी भी हाल में अपनी लक्ष्मण रेखा लाॅघना न चाहिए। जहाॅ तक समाज मे फैली बुराईयों को बेनकाब करने का प्रश्न है तो उसकी लड़ाई के पक्ष मे वह है और उन्होने अपना सारा जीवन इसी लड़ाई में लगा दिया। श्री नैयर द्वारा नवजवान मीडिया कर्मियो को अपना आशीष वचन देेते हुए कहा कि उन्हे गर्व है कि उन्होने देश मे इन्दिरा गांधी द्वारा आपात काल की अवधि में सेन्सर शिप के माध्यम से जब पत्रकारिता का गला घोटने का प्रयास किया तो उसके विरुद्ध खड़े होने का साहस उन्होने जुटाया और परिणाम स्वरुप उन्हे जेल की सलाखो के पीछे जाना पड़ा। श्री नैयर द्वारा वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के अंतर्गत कार्य करने की सलाह पत्रकारो की दी।
श्री नैयर ने अपने सम्बोधन के पश्चात जहांगीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट के छात्रो द्वारा पूछे गए प्रश्नो का उत्तर भी दिया।
इससे पूर्व मीडिया नेस्ट के अध्यक्ष तथा देश के अनुभवी पत्रकार शरद प्रधान ने अपने सम्बोधन में स्टिंग आपरेशन को समाज में बढते भ्रष्टाचार को बेनकाब करने के लिए एक शक्तिशाली एवं आवश्यक हथियार बताया और सच को उजागर करने में यदि लीक व नैतिकता से हटकर  भी कुछ करना पड़े तो जनहित के लिए ऐसा करना उचित होगा।
सेमिनार अपने विचार रखते हुए उर्दू/हिन्दी सप्ताहिक जदीद मर्कज के सम्पादक हिसामुल सिददीकी ने स्टिंग आपरेशन की विश्वसनीयता व स्टिंग आपरेशन करने वालो की नियत पर सवाल खड़े किए और कहा कि यदि दूसरो की बुरी हरकतो को बेनकाब करने की बात की जाती है तो फिर अपनो को क्यो बक्शा जा रहा है। मीडिया कर्मियो के भीतर क्या भ्रष्टाचार का रोग नही उपज रहा है। इस पर भी स्टिंग आपरेशन किया  जाना चाहिए। जब अखबार के कालम के कालम बिक जाते है उनकी लेखनी बिक जाती है तथा अन्य बड़े बड़े सौदे होते है तो इनकी पर्दा पोशी क्यों ?
श्री सिददीकी द्वारा अपने शब्द वाणो से किए गए प्रहार से आहत कुद नवजवान पत्रकारो ने आपत्ति करते हुए अपना विरोध जताया जिससे सेमिनार मे थोड़े समय के लिए माहौल गरम हो गया। परन्तु पहले सेमिनार का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेश नारायण शुक्ला ने हालात को सॅभाला और बाद में स्वयं श्री सिददीकी ने अपनी वाणी के टोन मे तब्दीली की तो हालात सामान्य हुए।
गर्मागर्म माहौल के बीच संचालक ने बी0बी0सी0 के संवाददाता राम दत्त त्रिपाठी को सम्बोधन के लिए दावत दी जिन्होने बीच का रास्ता अपनाते हुए कहा कि हालात का तकाजा है कि स्टिंग आपरेशन मर्यादा की सीमाओं के भीतर रहकर किए जाना चाहिए और इनका आधार व उददेश्य जनहित होना देश हित होना चाहिए न कि टी0आर0पी0 रेट बढाना।
सेमीनार में इलेक्ट्रानिक चैनल ई0टी0वी0 के खुर्रम जिलानी, जहांगीराबाद इंस्टीट्यूट के बोर्ड आफ डायरेक्टर के सदस्य ख्वाजा हसन व इंस्टीट्यूट के मीडिया सेल के प्रबन्धक बृज मोहन ने भी अपने विचार उक्त विषय पर रखे।
कार्यक्रम का दूसरा अधिवेशन जलपान के पश्चात अपरान्ह 3 बजे से प्रारम्भ हुआ। जिसको सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम की संयोजिका व मीडिया नेस्ट की महासचिव कुलसुम तलहा ने कहा कि मीडिया नेस्ट के तत्वाधान मे यूनीसेफ के सहयोेग से विगत कुद वर्षो से मीडिया फार चिल्ड्रेन के नाम से एक प्रयास बच्चो में अपनी समस्याओ व अपने अधिकारो के प्रति जागरुकता लाने के लिए प्रारम्भ किया गया। जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे है। उ0प्र0 के पूर्वांचल के जिले ललितपुर में इसी मुहिम के अंतर्गत कुछ बच्चो ने अपना एक छोटा सा पत्र निकालना प्रारम्भ कर दिया है। जिसमे हाल में ही एक कार्टून छापकर विद्यालयो में शिक्षको द्वारा अपने दायित्वो के निर्वाहन बरती जा रही लापरवाही को दर्शाया गया। इस कार्टून के अच्छे नतीजे मिले और शिक्षको ने शिक्षण कार्य में तन्मयता दिखानी प्रारम्भ कर दी।
इस अधिवेशन में देश के वरिष्ठ पत्रकार अफजाल अंसारी द्वारा सूचना के अधिकार के माध्यम से देश के नागरिको को प्राप्त अधिकारो के बारे मे विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के समापन पर कुलसुम तलहा ने अपने सूक्ष्म सम्बोधन में आए हुए अतिथियो के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

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