मैदान में आया फर्स्ट फ्रंट

नई दिल्ली। …और लोकसभा चुनाव 2014 के लिये गैर-भाजपा-गैर कांग्रस मोर्चे ने ताल ठोंक दी है। मंगलवार को दिल्ली में 11 दलों की बैठक हुयी। इसके बाद एक साझा संवाददाता सम्मेलन में इन दलों ने एक साथ जनता के मुद्दे पर चुनाव लड़ने और गैर-काँग्रेस, गैर-भाजपा विकल्प देने का ऐलान किया। इस संवाददाता सम्मेलनमें माकपा महासचिव प्रकाश करात, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाकपा के एबी बर्धन, जद(सेक्युलर) के एच डी देवगौड़ा आदि मौजूद थे।
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने बताया कि कुछ जरूरी वजहों से असम गण परिषद और बीजू जनता दल के अध्यक्ष कुछ वजहों से इस बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन वे तीसरे मोर्चे के साथ हैं।
तीसरे मोर्चे की अगुवाई के सवाल पर जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि यह थर्ड फ्रंट नहीं, फर्स्ट फ्रंट है। उन्होंने कहा, ‘हमारे यहाँ पीएम को लेकर कभी झगड़ा नहीं रहा। चाहे मोरारजी हों, देवगौड़ा हों या गुजराल साहब हों। हमारे यहाँ कोई झगड़ा नहीं है। और नेतृत्व की बात 2014 में साफ हो जायेगी।’
माकपा नेता करात ने कहा कि तीसरे मोर्चे का पीएम उम्मीदवार कौन होगा, इस पर फैसला चुनाव के बाद लिया जायेगा। राजद विधायकों को तोड़ने का आरोप झेल रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहाँ मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अब वह दोबारा भाजपा से सम्बंध तो दूर, सम्पर्क भी नहीं करेंगे। गौरतलब है कि जद (यू) भाजपा के अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन में लम्बे समय तक शामिल रही है। मोदी को पीएम उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद जद (यू) ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था।
इस मौके पर प्रकाश करात ने तीसरे मोर्चे की साझा घोषणा पढ़कर सुनाई। उन्होंने कहा कि काँग्रेस पार्टी के राज में भ्रष्टाचार, महँगाई और असमानता बढ़ी है, इसलिये हम काँग्रेस को सत्ता से बाहर करने के लिये काम करेंगे। करात ने कहा, ‘जहाँ तक भाजपा की बात है। बुनियादी नीतियों के हिसाब से वह भी काँग्रेस से अलग नहीं है। भ्रष्टाचार के स्तर पर भी उनका रिकॉर्ड वैसा ही है।’
मोदी की पीएम उम्मीदवारी को करात ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिये खतरा बताया और कहा कि वह भाजपा और इसके सहयोगी दलों को सत्ता में नहीं आने देंगे। उन्होंने एक ऐसा विकल्प देने का ऐलान किया जो गैर-काँग्रेस, गैर-भाजपा होने के साथ सेकुलर, जनपक्षीय होगा, सामाजिक न्याय, किसान, अल्पसंख्यक और महिला अधिकारों के पक्ष में काम करेगा और असल संघीय व्यवस्था की स्थापना पर बल देगा।
लगे हाथ करात ने देश की बाकी सेकुलर डेमोक्रेटिक पार्टियों को उन्हें जॉइन करने का न्यौता भी दे दिया।
सपा प्रमुख मुलायम ने कहा कि अभी हम 11 दल एक साथ आये हैं, पर संख्या बढ़ सकती है। हो सकता है चुनाव तक 15 दल हो जायें। इसके बाद नाम और बाकी चीजें तय हो जायेंगी।

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