सहारनपुर हो या मिर्जापुर, दलितों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं: भाकपा (माले)

कामरेड जीरा भारती पर हमला : भाकपा (माले) का मिर्जापुर मार्च 30 जुलाई को

माले-ऐपवा नेता कामरेड जीरा भारती के हमलावरों को जेल भेजने व पीड़िता पर थोपा फर्जी मुकदमा हटाने के लिए भाकपा (माले) का मिर्जापुर मार्च कल 30 जुलाई को

    लखनऊ, 29 जुलाई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने पार्टी-ऐपवा नेता कामरेड जीरा भारती पर मिर्जापुर में तीन जुलाई को भाजपा-समर्थित दबंगों द्वारा किये गये बर्बर हमले के नामजद अभियुक्तों को अभी तक जेल न भेजने और दबाव बनाने के लिए दलित पीड़िता समेत पूरे परिवार को ही अभियुक्त बनाकर फर्जी मुकदमा कायम कर देने की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ रविवार 30 जुलाई को मिर्जापुर चलो का आह्वान किया है।

    भाकपा (माले) की केंद्रीय समिति सदस्य व ऐपवा राज्य अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी मार्च का नेतृत्व करेंगी। मार्च दीपनगर (पटेहरा) से दोपहर 12 बजे शुरु होगा और पांच किमी की दूरी तय कर घटनास्थल (रिक्शा खुर्द गांव) तक जायेगा, जहां सुश्री भारती पर हमला हुआ था। इसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता भाग लेंगे। मार्च की समाप्ति पर गांव में विरोध सभा होगी, जिसमें कामरेड जीरा भारती पर सत्ता संरक्षण में हुए हमले में न्याय की मांग की जायेगी। उधर, मार्च और सभा के समर्थन में अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा ने भी 30 जुलाई को जिले में खेत मजदूरों की हड़ताल का आह्वान किया है।

    मालूम हो कि लोकप्रिय नेता कामरेड जीरा भारती द्वारा जिले में चलाये गये लंबे संघर्ष से खेत मजदूरों की दैनिक मजदूरी 40-50 रु0 से बढ़कर 100 रु0 से अधिक हुई। इसके चलते कामरेड भारती दबंग भूस्वामियों की आंख की किरकिरी बन गई थीं। उन्हें ‘सबक’ सिखाने के लिए उन पर यौन और जानलेवा हमला किया गया। हमले के बाद भाजपा के क्षेत्रीय विधायक रमा शंकर पटेल हमलावरों को बचाने के लिए खुलकर सामने आ गये।

    मार्च में शामिल होने के लिए मिर्जापुर रवाना होने से पूर्व माले की नेता कृष्णा अधिकारी ने लखनऊ में शनिवार को कहा कि सहारनपुर हो या मिर्जापुर, दलितों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जायेगी और योगी राज में न्याय के लिए संघर्ष तेज किया जायेगा।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: