इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली
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इकाॅनोमिक ऐंड पाॅलिटिकल वीकली 1966 से लगातार प्रकाशित हो रहा है. शुरुआत से ही यह एक सशक्त वैचारिक मंच के तौर पर उभरा है. इसमें न सिर्फ देश की राजनीति, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर शोध पत्र प्रकाशित होते हैं बल्कि इन क्षेत्रों से संबंधित विषयों पर गंभीर लेख भी प्रकाशित होते हैं.

बिटक्वाइन  जब ये गुब्बारे फूटते हैं तो वास्तविक अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ता है
अब समय आ गया है कि यूआईडीएआई के धोखे को उजागर किया जाए
मोदीराज में बैकों का 8 खरब रुपये डूब गया एनपीए जो मार्च 2014 में 26 खरब रुपये था
2जी घोटाला  भ्रष्टाचार जो मिट गया
स्वास्थ्य  निजी क्षेत्र की लूट पर ध्यान क्यों नहीं देती सरकार
भाजपा की बहुसंख्यकों की राजनीति की नकल कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां नहीं कर सकतीं
खतरनाक रवैया  नरेंद्र मोदी चुनावी फायदों के लिए साजिशों का बेतुका सिद्धांत दे रहे हैं
चीन और अमेरिका के द्वंद में आखिर भारत खुद को क्यों बीच में डाल रहा है
 सरकार ने माना बुरी स्थिति में है भारतीय अर्थव्यवथा
तो क्या होता अगर हादिया पुरुष होती