वीरेन्द्र जैन
वीरेन्द्र जैन

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वीरेन्द्र जैन, लेखक राजनीतिक विश्लेषक हैं।

हताशा में उठाया गया जुमला है हम सब चौकीदार
फिल्म समीक्षा के बहाने सितारों जड़ी एक पेंचदार जासूसी कथा फिल्म बदला
अध्यक्ष जी  भाजपा जब 400 सीट पर लड़ ही नहीं रही तो 400 सीटें जीतेंगी कहां से  क्या भाजपा 2019 का चुनाव बैकफुट पर खेल रही है
मुलायम सिंह को अब आराम की जरूरत है
इतने बदनाम हुये हम तो इस जमाने में  तुमको लग जायेंगीं सदियां हमें भुलाने में
मप्र में शिवराज के एकाधिकार का टूटना के निहितार्थ
मार्क्सवाद की एक अनौपचारिक क्लास – मोहल्ला अस्सी
कथित धार्मिक परम्पराओं में विभ्रमित मध्यम वर्ग
मी टू का दूरगामी प्रभाव है
बहुजन समाज पार्टी [मायावती] और राजनीति की विडंबनाएं