वीरेन्द्र जैन
वीरेन्द्र जैन

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वीरेन्द्र जैन, लेखक राजनीतिक विश्लेषक हैं।

इतने बदनाम हुये हम तो इस जमाने में  तुमको लग जायेंगीं सदियां हमें भुलाने में
मप्र में शिवराज के एकाधिकार का टूटना के निहितार्थ
मार्क्सवाद की एक अनौपचारिक क्लास – मोहल्ला अस्सी
कथित धार्मिक परम्पराओं में विभ्रमित मध्यम वर्ग
मी टू का दूरगामी प्रभाव है
बहुजन समाज पार्टी [मायावती] और राजनीति की विडंबनाएं
वाराणसी  आजादी की लड़ाई का चमकता कम्युनिस्ट सितारा कामरेड रुस्तम सैटिन
वह अब एक आदमी की वेश्या नहीं रहेगी
‘गरम हवा’ और ‘साजिद’ की तरह घुट और पिस रहे मुसलमानों की आवाज उठाने की कोशिश है ‘मुल्क’ भी
आत्मविश्वासहीन पार्टी को विश्वास मत