एल.एस. हरदेनिया
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एल.एस. हरदेनिया, (लेखक वरिष्ठ पत्रकार व धर्मनिरपेक्षता के प्रति प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हैं)

सनातन संस्था के आतंकवादी तार
रोहिंग्या को तो छोड़ो भारत में रहने वाले कुछ हिन्दुओं को निकाला तो कौन शरण देगा
जितने भी तथाकथित गॉडमैन हैं वे सभी अपराध में संलिप्त क्यों रहते हैं
पर संघ ने तो हिन्दू कोड बिल पर नेहरू और डॉ अम्बेडकर के विरूद्ध जहरीला प्रचार किया था
मोदी राज में अब अमर्त्यसेन के बोलने पर भी पाबंदी
न लगता आपातकाल तो संघी भारत को बना देते पाकिस्तान जानें संघ ने इंदिरा से माँगी थी माफी
नक्सलवारी के 50 वर्ष
दो जघन्य पाशविक अपराध  न्यायपालिका के ऐतिहासिक निर्णय
6 दिसंबर 1992  बाबरी मस्जिद के साथ उस दिन अनेक संवैधानिक संस्थाएं भी धराशायी हो गईं थीं
ये हिन्दुत्व की जीत नहीं अखिलेश की हार है