ललित सुरजन
ललित सुरजन

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twitter: @LalitSurjan

ललित सुरजन देशबंधु पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं. वे 1961 से एक पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे एक जाने माने कवि व लेखक हैं. ललित सुरजन स्वयं को एक सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं तथा साहित्य, शिक्षा, पर्यावरण, सांप्रदायिक सद्भाव व विश्व शांति से सम्बंधित विविध कार्यों में उनकी गहरी संलग्नता है. यह आलेख देशबन्धु से साभार लिया गया है।

छत्तीसगढ़  जवाहरलाल नेहरू की पार्टी अगर नेहरू नीति पर चलती है तो पत्रकार सुरक्षा कानून की शायद आवश्यकता नहीं होगी
क्या कहते हैं तीन कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के शपथग्रहण
पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद कैसे समाचार माध्यमों ने रातों रात अपनी निष्ठा बदली है
हम जैसे पत्रकारों के लिए यही उचित है कि चुनाव यदि युद्ध है तो वर्तमान सत्ता के विरुद्ध न लिखें
विश्व हिन्दी सम्मेलन या हिन्दुत्व सम्मेलन
हाँ मोदीजी हाँ जो कठुआ में हुआ वाकई वो 70साल में कभी नहीं हुआ
पूर्वोत्तर  अपने ही जाल में खुद फंस गई भाजपा
आसियान देशों के साथ दोस्ती  स्वागत मोदीजी अपनी पहल को तर्कपूर्ण निष्पत्ति तक पहुंचा ही देना
निरंकुश रहना चाहते हैं हमारे सत्ताधीश संसदीय जनतंत्र को तो मानो वे बहुत मजबूरी में झेल रहे
इंदिरा गांधी की जन्मशती  अपने इतिहास से सबक लेने के अवसर जानबूझ कर मिटाए जा रहे हैं