मसीहुद्दीन संजरी
मसीहुद्दीन संजरी

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मसीहुद्दीन संजरी, लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार व राजनैतिक विश्लेषक हैं।

खामोश  ये योगीराज है एनकाउंटर के नाम पर हत्याएं जारी
जीने की कला सिखाने का दावा करने वाला गृह युद्ध की बात कर रहा
यह दम भाजपा में ही है कि अलगाववादियों से भी गठबंधन कर के राष्ट्रवादी बनी रहे
तुम कितने शाहिद मारोगे
आईएसआईएस अबू ज़ैद और उसके बाद आज़मगढ़
जिनके पास इतिहास बनाने बूता नहीं वह इतिहास बदल कर काम चलाएंगे ही
वरना यह दानव बौद्धों और मुसलमानों दोनों को निगल जाएगा
"बोसी बसवा" से होशियार ताकत से विचार को मारना चाहता है
नोटबंदी  देश एक भयंकर आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा है अब नहीं जागे तो आगे सोने की फुर्सत ही नहीं मिलेगी
ये योग गुरू कल नए आसाराम रामपाल या गुरमीत राम रहीम नहीं बनेंगे इसकी क्या ज़मानत है