पलाश विश्वास
पलाश विश्वास

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twitter: @palashbiswaskl

पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए "जनसत्ता" कोलकाता से अवकाशप्राप्त। पलाश जी हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

कारपोरेट राज के खात्मे के लिए धर्मनिरपेक्ष वाम जनपक्षधर बहुजन संगठनों पार्टियों का महागठबंधन अनिवार्य
पद्मावती विवाद का तो न कोई संदर्भ है और न प्रसंग यह मुकम्मल मनुस्मृति राज का कारपोरेट महाभारत है
सब कुछ निजी हैं तो धर्म और धर्मस्थल क्यों सार्वजनिक हैं वहां राष्ट्र और राजनीति की भूमिका क्यों होनी चाहिए
खोज रहा हूं खोया हुआ गांव मैदान पहाड़ अपना खेत। अपनी माटी।
शंबूक हत्या सीता की अग्निपरीक्षा और उनका वनवास उत्तर कांड हटाकर संघ परिवार करेगा रामजी का शुद्धिकरण
हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद किसान आदिवासी स्त्री और दलितों के खिलाफ इसे हम सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ समझने की भूल कर रहे
विसर्जन  देवी नहीं है कहीं कोई देवी नहीं है देवता के नाम मनुष्यता खोता मनुष्य
बांग्लादेश में रवींद्र और शरत को पाठ्यक्रम से बाहर निकालने के इस्लामी राष्ट्रवाद खिलाफ आंदोलन तेज
सामाजिक विषमता के खिलाफ मनुस्मृतिविरोधी लड़ाई को खत्म करना ही हिंदुत्ववादियों के हिंदू राष्ट्र का एजेंडा
हिंदू राष्ट्र सिर्फ संघ परिवार का कार्यक्रम नहीं है