शाहनवाज आलम
शाहनवाज आलम

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शाहनवाज आलम, लेखक स्वतंत्र पत्रकार व राजनैतिक कार्यकर्ता हैं।

संघ जानता है सर्वोच्च न्यायालय का फैसला बाबरी मस्जिद के पक्ष में जाएगा मामला मनुवाद बनाम संविधानवाद है
सामाजिक न्याय की हिस्सेदारी का पूरा धंधा अब एक मुस्लिम विरोधी रुख अख्तियार कर चुका है
मुसलमानों को सामूहिक अवसाद से निकलना है तो उन्हें राजनीति करना ही होगा राजनीति यानी चुनावी राजनीति
मीडिया और भक्त मोदी का मास्टरस्ट्रोक बताते रहेंगे लेकिन सच्चाई यही है कि ज़मीन अब खिसक चुकी है
हो सकता है छत्तीसिंहपुरा की तरह ही कभी भी शुजात के हत्यारे न पकड़े जाएं
दलित-मुस्लिम एकता ना तो स्वाभाविक है और ना ही फायदेमंद
लालू प्रसाद यादव की सजा  भ्रष्ट समाज में ऐसे फैसलों से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ‘न्याय’ के पक्ष में कोई खड़ा नहीं होना चाहता
कश्मीर  जिस पर हम सिर्फ झूठ बोलना और सुनना चाहते हैं शायद हमसे बड़ा शातिर और सैडिस्ट समाज कोई नहीं
मॉब लिंचिंग को दुर्घटना साबित करने पर आमादा है योगी पुलिस
बिहार एपिसोड  जब धर्मनिरपेक्षता थी ही नहीं तो उसे खतरा कैसा