शेष नारायण सिंह
शेष नारायण सिंह

Email
twitter

पूंजीवादी अर्थशास्त्र की समर्थक भाजपा किसान हितैषी हो ही नहीं सकती
काश पं जवाहरलाल नेहरू ने महात्मा गाँधी की वह बात भी मान ली होती
इतिहास में भी हिंदी के साथ अन्याय हुए हैं
अगर नेहरू के सपनों को एशिया और अफ्रीका के नेताओं ने माना होता तो दुनिया में अमन चैन होता
एमएसपी  किसान के साथ फिर छलावा स्वामीनाथन कमीशन में बताई गई सी-2 की परिभाषा ही बदल दी सरकार ने
तीसरा मोर्चा अगर बना तो भाजपा की जीत की सम्भावना बढ़ जायेगी
डेमोक्रेसी को लोकतंत्र नहीं प्रजातंत्र कहने वाले हुक्मरानों के खिलाफ किसानों को एकजुट होना होगा
हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नहीं हिंदुत्व का जिन्ना के नाम पर हो रही ओछी राजनीति
खुदा खैर करे यूपी में आजकल का ज़माना इनकाउंटर का है कुछ भी हो सकता था प्रो राकेश सिन्हा के साथ
क्या सिद्दारमैया की झोली में जाएगा लिंगायत वोटबैंक