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दिल्ली में शुरू हुआ आप बचाओ आंदोलन

नई दिल्ली, 26मार्च। दिल्ली के आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने “आप बचाओ आंदोलन” प्रारंभ किया हैI

 एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि एनडी तिवारी मेमोरियल हॉल, डीडीयू मार्ग में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक आम बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। पूरी दिल्ली से सैकड़ों की संख्या में आम आदमी पार्टी के असंतुष्ट कार्यकर्ता एवं समर्थकों ने इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराईI

संयोजक मुनीश रायज़ादा एवं दीपक पांचाल ने बताया कि भारी बहुमत से कार्यकर्ताओं ने आप बचाओ आन्दोलन का आह्वान कियाI  सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने सभा स्थल से आप कार्यालय तक पैदल मार्च कियाI

सभा में पुराने और दृढ़ पार्टी कार्यकर्ता और स्वयंसेवकों ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्ट पार्टी नेतृत्व ने स्वच्छ पैसे, स्वराज (आंतरिक पार्टी लोकतंत्र) और आंतरिक सतर्कता (आंतरिक लोकपाल) के अपने मुख्य सिद्धांतों को व्यवस्थित तरीके से खस्ता हाल कर दिया है।

हाल में निराशाजनक पंजाब और गोवा चुनाव परिणाम ने आम आदमी पार्टी के पुराने स्वयंसेवकों के बीच असंतोष की भावना पैदा कर दी है, जो पार्टी के मुख्य सिद्धांतों का मसौदा लागू होने का इंतजार कर रहे थे। विज्ञप्ति में बताया गया हैकि आगामी एमसीडी चुनाव के मद्देनजर, आप पार्टी बचाओ आंदोलन ने पार्टी के नेतृत्व से मांग की है:

 1. वित्तीय पारदर्शिता को पुनर्स्थापित करें: चंदा प्रतिबंध सत्याग्रह संयोजक डॉ. मुनीश रायजादा, दाताओं की सूची ऑनलाइन बनाने के लिए पार्टी से मांग कर रहे हैं। ध्यान रहे कि पार्टी ने जून 2016 से अपने दाताओं की सूची छिपा दी है।

 2. स्वराज की हो पुन: स्थापना

टिकट बिक्री: दिल्ली में आगामी नगर निगम चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी ने नए चेहरे या अन्य पार्टियों के सदस्यों को टिकट आवंटित किया है। इससे मुख्य स्वयंसेवकों और पार्टी के उत्साही समर्थकों के बीच असंतोष पैदा हुआ है।

 पार्टी ने 'जीतने की योग्यता' के नाम पर पैराट्रूप्पर और नवागंतुकों को टिकट दिया है, लेकिन यह पैसे की बिकवाली और पैसे के आदान-प्रदान की संभावनाओं को इंगित करता है।

 अगर पार्टी ने अपने दान और खातों को पारदर्शी रखा होता, तो जनता को यह पता चल जाता कि किसने दान दिया है और किसे टिकट आवंटित किए हैं। इस प्रकार, सार्वजनिक और स्वयंसेवकों को पता चलता कि क्या पैसे को लेकर निज हितों के साथ खिलवाड़ हुआ या नहींI

 3. इसके अलावा, स्वयंसेवकों ने उम्मीदवारों के चयन की नामांकन प्रक्रिया पर आरोप लगाया हैI

रायजादा कहते हैं कि नामांकन प्रक्रिया नकली है और स्वराज के सिद्धांत के अनुरूप नहीं हैI

उनका पूछना है कि यह कैसे संभव है कि पार्टी पिछले 4 सालों से कड़ी मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर रही है। क्या पार्टी वार्ड स्तर पर (एमसीडी चुनावों के लिए) भी नेतृत्व विकसित करने में विफल रही है?

३. आंतरिक लोकपाल पुन: बहल हो: इसके अलावा, चूंकि पार्टी की आंतरिक लोकपाल व्यवस्था खत्म हो गई है, इसलिए स्वयंसेवकों की शिकायतों की सुनवाई के लिए कोई प्रामाणिक तंत्र नहीं हैI

सभा समाप्ति पर दीपक पंचाल ने सभी सदस्यों का धन्यवाद किया I

 

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