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Live workshop and training program for doctors on allergy topics एलर्जी विषय पर डॉक्टरों के लिए सजीव कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम

95 प्रतिशत लोगों में होती है घर की धूल में पाए जाने वाले डस्ट माइट से एलर्जी

गाजियाबाद, 17 अप्रैल। एलर्जी विषय पर डॉक्टरों के लिए यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी में एक सजीव कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डॉक्टर अंकित सिन्हा ने एलर्जी के विभिन्न प्रकार (Different types of allergens) के कारणों का पता लगाने हेतु स्किन प्रिक टेस्ट (Skin prick test) का सजीव प्रशिक्षण दिया तथा बताया कि 95% से भी अधिक लोगों में घरों में पाई जाने वाली सामान्य धूल (Common dust found in homes) के अंदर पनप रहे डस्ट माइट (Dust mite) की वजह से एलर्जी होती है।

अन्य कारणों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न लोगों में कुछ खाने की चीजें जैसे मूंगफली के दाने अंडा दूध गेहूं इत्यादि से भी एलर्जी होती है और बहुत ही सरल तरीके से हमारी त्वचा के ऊपर स्किन प्रिक टेस्ट से इन कारणों का पता लगाया जा सकता है और मरीजों को होने वाली भारी असुविधा से बचाया जा सकता है।

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कार्यशाला का उद्घाटन यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (Yashoda Super Specialty Hospital) के एमडी डॉ पीएन अरोड़ा ने किया।

इस कार्यशाला के आयोजन में यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट एलर्जी रोग विशेषज्ञ (Senior Pulmonologist Allergy Specialist in Delhi/NCR) डॉक्टर के. के. पांडे, अर्जुन खन्ना एवं डॉ अंकित सिन्हा ने प्रशिक्षण दिया।

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