चुनाव 2017 > उत्तर प्रदेश
चुनाव हारने के बाद अखिलेश का भावुक बयान
चुनाव हारने के बाद अखिलेश का भावुक बयान

अखिलेश यादव पर चुनाव पूर्व भाजपा से पर्दे के पीछे तालमेल करने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन लगता है कि अब हार के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिल...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-04-23 11:39:59
यह इस दौर की सबसे बड़ी अफवाह है कि राजनीति ‘विकास’ के लिए की जाती है
यह इस दौर की सबसे बड़ी अफवाह है कि राजनीति ‘विकास’ के लिए की जाती है

यह सपा-बसपा की राजनीति की स्वाभाविक मौत है... सपा और बसपा की यह स्थिति सामाजिक न्याय के नाम पर हुए सामाजिक अन्याय का भी परिणाम है।

शाहनवाज आलम
2017-04-16 11:05:43
यूपी में क्यों बिहार दोहराना मुश्किल है जानिए 10 वजहें
यूपी में क्यों बिहार दोहराना मुश्किल है, जानिए 10 वजहें

मुलायम का लालू नहीं हो पाना मुसलमानों को ऐसे किसी भी गठजोड़ को विश्वास भरे नजर से देखने से रोकता है। लालू प्रसाद यादव का सुझाव तो अच्छा हो सकता ह...

शाहनवाज आलम
2017-04-12 15:31:38
राष्ट्रीय पार्टी और प्रादेशिक नीतियां
राष्ट्रीय पार्टी और प्रादेशिक नीतियां

अवैध बूचड़खानों की बन्दी जरूरी थी तो राजस्थान मप्र गुजरात के लिए भी उतनी ही जरूरी क्यों नहीं ? किसानों की कर्ज़माफी केवल उप्र तक ही क्यों जबकि किसा...

वीरेन्द्र जैन
2017-04-04 08:36:29
ये योगी की जीत नहीं उस भारत की हार है जो गांधी को नहीं मारता
ये योगी की जीत नहीं, उस भारत की हार है जो गांधी को नहीं मारता

योगी आदित्यनाथ को बसपा और सपा दोनों ही सरकारों ने संरक्षित किया। योगी कोई अचानक प्रकट हुए राजनीतिज्ञ नहीं हैं जैसा कि मीडिया और लिबरल बुद्धिजीवी ...

शाहनवाज आलम
2017-04-09 09:42:06
चुनाव 2017  फासीवाद अब एक लक्षण नहीं रह गया है यह हमारे बीच में है
चुनाव 2017 : फासीवाद अब एक लक्षण नहीं रह गया है. यह हमारे बीच में है!

मीडिया ने भी ‘बखूबी’ अपना रोल निभाया. इस पर इतना कहना पर्याप्त होगा कि मीडिया एक व्यवसाय है, जिसका दोहरा चरित्र है. मुनाफे के आलावा यह प्रचार (खा...

अतिथि लेखक
2017-03-30 23:59:52
कांशीरामवाद पर हेडगेवारवाद की निर्णायक विजय   
कांशीरामवाद पर हेडगेवारवाद की निर्णायक विजय   

भाजपा की वर्तमान सफलता मोदी–शाह से बढ़कर हेडगेवारवाद की विजय है. कैसे! इसे जानने के लिए 1925 के दिनों के पन्ने पलटने पड़ेंगे.

अतिथि लेखक
2017-03-29 22:44:02
रिस्क लेना सीख रहा है मुसलमान  सपा-बसपा को निरीह मुसलमान ही अच्छे लगते हैं
रिस्क लेना सीख रहा है मुसलमान : सपा-बसपा को निरीह मुसलमान ही अच्छे लगते हैं

सामाजिक न्याय के जातिगत जनाधारों को अपने अधिकारों की बात करने वाला यह ‘नया मुसलमान’ हजम नहीं हो रहा था। लिहाजा, यही वह समय था जब संघ परिवार और भा...

शाहनवाज आलम
2017-03-30 23:41:34
मोदी के दलित या दलितों के मोदी  बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में जाति-राजनीति की भूलभलैया को कैसे पछाड़ा
मोदी के दलित या दलितों के मोदी : बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में जाति-राजनीति की भूलभलैया को कैसे पछाड़ा

दरअसल जाति की राजनीति ने हिंदुत्व की ताकतों को ही मज़बूत किया है. इसका मुकाबला केवल जाति की राजनीति को छोड़ कर वर्गहित आधारित जनवादी राजनीति से ही ...

अतिथि लेखक
2017-03-28 19:03:52
जो विपक्ष समीक्षा बैठक नहीं कर सकता वो भाजपा को कैसे रोक लेगा
जो विपक्ष समीक्षा बैठक नहीं कर सकता वो भाजपा को कैसे रोक लेगा

हम कह सकते हैं कि अपने अंदर अधिनायकवादी प्रवृत्ति रखने वाली भाजपा ही मौजूदा दौर की सबसे लोकतांत्रिक ढांचे वाली पार्टी है। हां, यहां यह आरोप लगाया...

हस्तक्षेप डेस्क
2017-03-27 16:45:27