चुनाव हारने के बाद अखिलेश का भावुक बयान

अखिलेश यादव पर चुनाव पूर्व भाजपा से पर्दे के पीछे तालमेल करने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन लगता है कि अब हार के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भाजपा का पैंतरा पसंद नहीं आ रहा। ...

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर चुनाव पूर्व भाजपा से पर्दे के पीछे तालमेल करने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन लगता है कि अब हार के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भाजपा का पैंतरा पसंद नहीं आ रहा। इसीलिए अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें भाजपा वाले जाति विशेष से प्रचारित करते हैं, क्या हम हिंदू नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश के चुनाव में धर्म और जाति हावी रहती है, ये बात तो जगज़ाहिर है। और इसमें सपा-बसपा या भाजपा कोई भी किसी से पीछे नहीं रहता।  

अब अखिलेश ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा है कि हमें सिर्फ एक जाति के रूप में क्यों देखा जा रहा है?

उन्होंने कहा कि हमें इस बात का अफसोस है कि हमारी सरकार को कभी विकासवादी सरकार नहीं समझा गया।

उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ एक जाति की सरकार के रूप में प्रचारित किया गया है।

इतना ही नहीं अखिलेश ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि हमें हिन्दू होने का प्रमाण देना होगा। हमें हर रोज मंदिर में जाकर सेल्फी खींचवाना होगा, जिससे हम भी बता सकें कि हम हिन्दूा हैं।

इस दौरान उन्होंने मायावती की ओर से भाजपा के खिलाफ गठबंधन वाले बयान का भी स्वागत किया।

एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा जात-पात और धर्म की राजनीति करके चुनाव जीतने में सफल हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोगों को गुमराह किया है।

अखिलेश ने साफ कर दिया कि झूठ के खिलाफ किसी भी गठबंधन का हम स्वागत करेंगे।

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