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भाकपा का तेजस्वी पर पलटवार, मुलायम आज अपने घर में ही जिस पीड़ा को झेल रहे हैं वह अब आपके घर में भी घुस चुकी है

नई दिल्ली, 14 अप्रैल। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- Communist Party of India (भाकपा) ने राष्ट्रीय जनता दल – Rashtriya Janata Dal मुखिया लालू प्रसाद यादव Lalu Prasad Yadav के युवराज तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पर करारा प्रहार किया है।

भाकपा (CPI) की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव डॉ. गिरीश शर्मा ने अपनी एफबी टाइमलाइन पर जो लिखा, आप भी पढ़ें –

तेजस्वी से दो बातें-

तेजस्वी यादव ने NDTV पर बोला कि बिहार में तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी खत्म होगयी है। अपनी कुटिल नीति के तहत उन्होंने माले की तारीफ भी की।

मैं तेजस्वी जी से कहना चाहता हूँ कि अभी कुछ माह पहले पटना के गांधी मैदान में भाकपा ने बहुत विशाल रैली की जिसमें तेजस्वी के प्रतिनिधि सहित तमाम विपक्षी नेताओं ने भाग लिया था। क्या यह एक खत्म हो चुकी पार्टी की रैली थी जिसमें लाखों लोग शामिल हुये?

ठीक है आज बिहार में भाकपा का कोई विधायक – सांसद नहीं पर क्या आप नहीं जानते तेजस्वी कि समस्त बिहार में भाकपा का बड़ा जनाधार है। हाल ही के दिनों में कई जिलों में बड़ी बड़ी रैलियां हुई हैं जिनमें 10- 10, 20- 20 हजार तक लोगों ने भाग लिया है। शोषित- पीड़ित जनता के हितों की रक्षा के लिए बिहार में आज भी भाकपा ही संघर्ष करती है। और आपके लठैत इस जनता पर जुल्म ढाते हैं तेजस्वी जी।

कम्युनिस्ट विचारधारा झोपड़ी में रहने वालों की विचारधारा है, शोषित पीड़ितों की विचारधारा है और उस विचारधारा ने झोपडी में रहने वाले कन्हैया को तैयार किया है जिसकी आज पूरे देश में प्रसिद्धि है। मोदी से भी ज्यादा वह लोकप्रिय है आज। पर यदि आप लालूजी के सुपुत्र न होते तो आपको कौन पूछता मान्यवर तेजस्वी जी।

जो बात आपने आज कही है वही बात एक बार मुलायम सिंह यादव ने भी कही थी। उनकी पार्टी आज भी यूपी की चहार दीवारी में सिमटी है और भाकपा एक राष्ट्रीय पार्टी है। आप भी तो अपने पिता की विरासत बिहार के ही तो सुल्तान हैं तेजस्वी जी। मुलायम आज अपने घर में ही जिस पीड़ा को झेल रहे हैं वह अब आपके घर में भी घुस चुकी है।

चारा घोटाले से अर्जित धन और कार्पोरेट्स से भीख में मिले पैसों से हैलीकॉप्टर में घूमने वाले तेजस्वीजी बौखलाओ मत। लड़ना है तो भाजपा से लड़ो, भाकपा से नहीं। जब तक देश में भूख, भय, अशिक्षा, बेरोजगारी है भाकपा प्रासंगिक बनी रहेगी। लेकिन जिस दिन तुम्हारा बिरादरी के नाम पर बरगलाया जनाधार तुम्हारी सच्चाई समझ जायेगा, तुम कहीं नहीं दिखाई दोगे तेजस्वीजी ।

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