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Palash Biswas

पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए "जनसत्ता" कोलकाता से अवकाशप्राप्त। पलाश जी हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार हैं।

मर्डर इन द कैथेड्रल और न्यू इंडिया : नाटक जो लिखा इलियट ने वह काल्पनिक नहीं इतिहास है 

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

मर्डर इन द कैथेड्रल (Review of Murder in the Cathedral in Hindi) गीति नाट्य विधा (opera) में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट (play by …

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नहीं रहे कामरेड एके राय जो झारखंड को लालखंड बनाना चाहते थे और जिनकी सबसे बड़ी ताकत कोलियरी कामगार यूनियन थी

Comrade AK Roy

नई दिल्ली, 21 जुलाई। सुप्रसिद्ध वामपंथी और झारखंड (Jharkhand) को लालखंड (Lalkhand) बनाने का सपना देखने वाले कोलियरी कामगार यूनियन (Colliery Workers Union) के नेता कामरेड एके राय (Comrade AK …

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जनता के पास विकल्प ही क्या है ?

Between protest Modi assures Citizenship Bill will not harm Assam and Northeast

जनविरोधी (Anti-public) सत्तालोलुप (Power greed) क्षत्रपों के इस मौकापरस्त गठबंधन में मनुष्य और प्रकृति का भविष्य देखने वाले विद्वतजनों की दृष्टि, प्रतिबद्धता, इतिहासबोध की बलिहारी। इन चेहरों में से किसी …

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नंगी तलवारें अब खिलिखिलाते कमल हैं… हिटलर को भी आखिर खुदकुशी करनी होती है

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वरिष्ठ पत्रकार और हस्तक्षेप के सम्मानित स्तंभकार पलाश विश्वास का यह आलेख मूलतः 30 जुलाई 2015 को प्रकाशित हुआ था। यह आलेख आज भी प्रासंगिक है क्योंकि “यूं समझिये कि …

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अपना रामराज बौद्ध हो गया और राजनीतिक भी, इसलिए हमें उससे परहेज करना चाहिए? ये सवाल खुद से हैं और आपसे भी!

Dr. Udit Raj

लू (hot wind) और काल बैसाखी (Kal Baisakhi) के मध्य तैंतीस साल बाद एक मुलाकात! दलित मूलनिवासी आंदोलन (Dalit Mulniwasi Movement) को छोटी-छोटी मामूली सामाजिक घटनाओं से कुछ सबक लेना …

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हिंदू राष्ट्र का यह धर्मोन्माद किसान, आदिवासी, स्त्री और दलितों के खिलाफ इसे हम सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ समझने की भूल कर रहे

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वंदेमातरम् की मातृभूमि अब विशुद्ध पितृभूमि है, जहां काबुलीवाला जैसा पिता कोई नहीं काबुलीवाला, मुसलमानीर गल्पो और आजाद भारत में मुसलमान रवींद्र का दलित विमर्श-33 रवींद्रनाथ की कहानियों में सतह …

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अंधेर नगरी में सत्यानाश फौजदार का राजकाज! रवींद्र प्रेमचंद के बाद निशाने पर भारतेंदु?

Bharatendu Harishchandra

क्या वैदिकी सभ्यता का प्रतीक न होने की वजह से अशोक चक्र को भी हटा देंगे? रवींद्र का दलित विमर्श-28 पलाश विश्वास डिजिटल इंडिया में इन दिनों जो वेदों, उपनिषदों, …

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राजसत्ता, धर्मसत्ता, राष्ट्रवाद और शरणार्थी समस्या के संदर्भ में रोहिंग्या मुसलमान और गुलामी की विरासत

कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में लाखों मुसलमानों ने रैली की (Millions of Muslims rally in support of Rohingya Muslims in Kolkata) और इस रैली के बाद बंगाल में …

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राम के नाम रामराज्य का स्वराज अब भगवा आतंकवाद में तब्दील है।

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ब्राह्मणों की भूमिका, अनार्यों की देन और हिंदुत्व के भगवा एजंडे में भारत तीर्थ के आदिवासी! रवींद्र का दलित विमर्श : तेरह पलाश विश्वास संविधान सभा में जयपाल सिंह मुंडा …

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मजहबी सियासत के हिंदुत्व एजंडे से मिलेगी आजादी स्त्री को?

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तीन तलाक की प्रथा खत्म हो गयी है, यह दावा करना जल्दबाजी होगी। इसी सिलिसिले सामाजिक, मजहबी बदलाव की किसी हलचल के बिना सियासती सरगर्मियां हैरतअंगेज हैं। जश्न मानने से पहले …

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इस राष्ट्रवाद के मसीहा तो हिटलर और मुसोलिनी हैं

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भारत का इतिहास लोकतंत्र का इतिहास है। भारत का इतिहास लोकगणराज्य का इतिहास है। धर्म और आस्था चाहे जो हो, भारत में धर्म कर्म लोक संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाजों के लोकतंत्र …

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मेधा पाटकर से मिलने पहुंचा बिलाल कैसे नजीब बनने से बचा, पढ़ें आपबीती

अस्पताल में मेधा पाटकर से मिलने की कोशिश में एक्टिविस्ट के अपहृत होने की आपबीती- बिलाल खान (अनुवाद -पलाश विश्वास ) मैं मेधा पाटकर से मिलने अपने चार साथियों के …

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यूपी वालों, चाहो तो देश बचा लो! दंगाबाजों को सत्ता से बाहर धकेलो…

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नोटबंदी (Demonetization) के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी (Political barricade) का चेहरा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का रहा है। नोटबंदी के खिलाफ शुरू से उनके जिहादी तेवर हैं। हम शुरू से चिटफंड …

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अमन चैन के मुल्क में खून की नदियां क्या बुझा पायेंगी सूखे की चपेट में तैंतीस करोड़ इंसानों की प्यास?

Environment and climate change

विश्व पर्यावरण दिवस (#HappyWorldEnvironmentDay) के खास मौके में हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र (Industrial areas of Himachal Pradesh) की दशा पर एक नजर हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के बद्दी …

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राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया

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राम के नाम सौगंध भीम के नाम! संघ परिवार ने बाबासाहेब को भी ऐप बना दिया… मनुस्मृति का जेएनयू मिशन पूरा,  जय भीम के साथ नत्थी कामरेड को अलविदा है। …

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क्या नोटबंदी के जरिये भारत को तोड़ने का कोई मास्टर प्लान है हिंदुत्व के एजेंडे का?

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पांच राज्यों के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गयी है। चार फरवरी से मतदान है। यूपी में ग्यारह फरवरी से सात दफा में वोट पड़ने …

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वेनेजुएला सिर्फ तीन लाशों का बोझ ढो नहीं सका, नोटबंदी रद्द : भारत में करोड़ों लाशें ढोने के लिए कितना इंच का सीना चाहिए

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वेनेजुएला सिर्फ तीन लाशों का बोझ ढो नहीं सका, नोटबंदी रद्द : भारत में करोड़ों लाशें ढोने के लिए कितना इंच का सीना चाहिए वेनेजुएला में तेल का कारोबार चौपट, …

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कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद परमाणु धमाकों में तब्दील

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कैंसर से तड़प-तड़प कर खत्म होता जा रहा है देश, हमारा राष्ट्रवादी युद्धोन्माद (Nationalist war hysteria) परमाणु धमाकों (Nuclear blasts) में तब्दील…. अरबों शरणार्थी (Refugees) मनुष्यों को बचाने की कोई …

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यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म का पुनरुत्थान और हिन्दू धर्म का अवसान है

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यह आतंकवादी केसरिया सुनामी ब्राह्मण धर्म (Brahmin religion) का पुनरुत्थान है और हिन्दू धर्म का अवसान (extinction of Hindu religion)… राष्ट्रवादी देश भक्त तमाम ताकतों को एकजुट होकर हिन्दू धर्म …

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आपातकाल कब खत्म हुआ जी? अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी?

जर जोरू जमीन जल जंगल जमीन सब कुछ निशाने पर अपराधी फासिस्ट नस्ली सत्ता का नरसंहार कब थमा है जी? पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं …

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इतिहास लहूलुहान, पन्ना दर पन्ना खून का सैलाब! लहुलुहान फिजां है लहुलुहान स्वतंत्रता लहुलुहान संप्रभुता लहूलुहान

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पलाश विश्वास मर्डर इन द कैथेड्रल गीति नाट्य विधा में लिखी गयी अंग्रेज कवि और आलोचक नोबेल पुरस्कार विजेता टीएस इलियट की अत्यंत प्रासंगिक कृति है। रवीन्द नाथ टैगोर ने …

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हम क्यों मनायें संविधान दिवस?

National News

क्योंकि लोकतंत्र को बचाने के लिए (To save democracy) जल जंगल जमीन, नागरिकता और आजीविका जैसे बुनियादी हकों (Basic rights like Water, forest land, citizenship and livelihood,) के लिए भारतीय …

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मैन फोर्स के मुकाबले यह कायनात तुम्हारे हवाले दोस्तों!

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कल हमने लिखा था, अंबेडकर के बाद हिंदू साम्राज्यावदी एजंडा में गौतम बुद्ध को समाहित करने की बारी है और आज इकोनामिक टाइम्स की खबर हैः ‘बुद्ध डिप्लोमेसी’ से एशिया …

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जैज़ – ग़ुलाम सबसे ज़्यादा तब गाते हैं जब वे दुखी और ग़मज़दा होते हैं

News Analysis and Expert opinion on issues related to India and abroad

नीलाभ अश्क जी, मंगलेश डबराल और वीरेन डंगवाल के खास दोस्त रहे हैं और इसी सिलसिले में उनसे इलाहाबाद में 1979 में परिचय हुआ। वे बेहतरीन कवि रहे हैं, लेकिन …

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कश्मीर पर कश्मीरी पंडितों का वर्चस्व बहाल करना नेपाल में हिंदू राष्ट्र के संघी खेल से कहीं ज्यादा खतरनाक

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कश्मीर में फिजां बदलने की उम्मीद कश्मीर में चुनाव नतीजे (Election results in Kashmir) चाहे कुछ हों, वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया की वापसी (Return of democratic process) का स्वागत किया ही …

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नेहरू जमाने का पटाक्षेप, लेकिन इसकी कीमत क्या, इसे भी बूझ लीजिये, बंधु!

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नेहरु जमाने का पटाक्षेप, लेकिन इसकी कीमत क्या, इसे भी बूझ लीजिये, बंधु! दरअसल दो दलीय वेस्टमिन्स्टर शैली (Two-party westminster style) की लोकतांत्रिक वर्चस्ववादी (Democratic supremacist) इस राज्यतंत्र (Monarchy) में …

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नमक का दरोगा वाले कलम के सिपाही प्रेमचंद को नमन

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गोदान में खेत खाओ संस्कृति के पूँजी वर्चस्व का भी अच्छा खासा ब्यौरा है। आज सुबह सुबह बसंतीपुर से पद्दो का फोन आया। पहली बार तो लगा किसी कंपनी का …

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चाहे कोई बने वे मुक्त बाजार के प्रधानमंत्री ही होंगे, भारतीय जन गण मन के नहीं

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मित्रों,  आप (AAM ADMI PARTY) सत्ता में आते ही आपको याद होगा कि हमने लिखा था कि अगर आप कारपोरेट राज (Corporate Raj) के खिलाफ हैं तो वह कम से …

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