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इस गिरोह के लिए गाय हमेशा एक राजनीतिक प्राणी और राजनीति हमेशा धंधा रही है

अल दुआ का संगीत और हलाल का सोम

दूसरे
महायुद्ध
(World War II) में अंग्रेज और मित्र राष्ट्रों की फ़ौज (British
and Allied forces)
को
डब्बा बंद गोश्त (भैंस का नहीं शुद्ध बीफ यानि गौमांस) सप्लाई करने का ठेका जिन के
पास था, वे डालमिया ही बाद में विहिप के
सर्वेसर्वा बने।

हिंदुत्व के अग्निगर्भित नायक भाजपा विधायक संगीत सोम के खुद अलीगढ़ के एक बूचड़खाने के निदेशक, हिस्सेदार होने की खबर पर बहुत ज्यादा चौंकने की आवश्यकता नहीं है। इस गिरोह के लिए गाय हमेशा एक राजनीतिक प्राणी और राजनीति हमेशा धंधा रही है।

राजनीति
और धंधे के अद्वैत की इनकी परम्परा भी पर्याप्त समृद्ध और प्राचीन है। ज्यादा पीछे
न भी जाएँ तो बीसवीं सदी के पहले और दूसरे महायुद्ध में अंग्रेज और मित्र
राष्ट्रों की फ़ौज को डब्बा बंद गोश्त (भैंस का नहीं शुद्ध बीफ यानि गौमांस) सप्लाई
करने का ठेका जिन के पास था, वे
डालमिया ही बाद में विहिप के सर्वेसर्वा बने। जूतों की दूकान पर हाथ से छुआ छुआ के
उनके कोमलत्व की अनुभूति कराने वाले काफ लैदर के जूते बेचने वाले अधिकतर व्यवसायी
सुबह शाखा में जाते हैं और दुकान खोलते मूंदते वक़्त आरती करते हैं। सबसे बढ़िया काफ
लैदर वही माना जाता है, जो बछड़ों और बछियाओं को जीवित ही खौलते
पानी में डुबोकर उतारा जाता है।

यह
इनकी विशालहृदयता और व्यवसाय कुशलता है कि वे धंधे के मामले में रत्ती भर भी कट्टर
नहीं है। रोज 5000 जानवरों को काटने वाले बूचड़खाने का नाम
अल दुआ रखते हैं और झटके का नहीं, हलाल
का मीट ही बेचते हैं। (झटका मतलब एक वार में सर को धड़ से अलग कर दिया जाना। जैसा मंदिरों
में बलि के समय होता है। हलाल का मतलब है “अल्लाहो अकबर अल्लाहो अकबर लाइलाहा
इल्लिल्लाह” पढ़ते हुए गले को रेत कर जिबह करना।

मुस्लिम
समुदाय सिर्फ हलाल किये जानवर का गोश्त खाता है : भाई ने उनकी भावनाओं को ख़ास
तवज्जोह दी है। अब इतने सारे एक साथ काटे जाएंगे तो एक एक के लिए पढ़ने की बजाय
शायद लाऊडस्पीकर्स से ही पढ़ दिया जायेगा। डिजिटल भारत में यह भी हो सकता है कि
हरेक के कान में इयर फ़ोन घुसेड़ कर पढ़ दिया जाये। मगर इस सब के बाद भी खबरदार जो
भाई के 24 केरेट हिंदुत्व पर कोई अंगुली उठाई
तो……)

बादल
सरोज

बादल सरोज, लेखक माकपा की मध्य प्रदेश इकाई के सचिव हैं।

(गौमाता
के सेवक संगीत सोम ने मांगी थी 5000 जानवर
रोज काटने की अनुमति)

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