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चौथा खंभा

क्या ये पुण्य प्रसून का संघी था, जो बाहर आ गया ?

Punya Prasun Bajpai

पुण्य प्रसून क्यों किसी ‘उद्धारकर्ता‘ के झूठे अहंकार में फंस रहे है ? —अरुण माहेश्वरी कल रात ही धारा 370 को हटाये जाने के बारे में पुण्य प्रसून वाजपेयी की …

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रवीश को विश्व के क्रूरतम हत्यारे के नाम का करोड़पति सम्मान मिल गया तो आप खुश होइए, मैं नहीं होता !

Ravish Kumar

मैं मीडिया के चमचमाते करोड़पति चेहरे रवीश को नहीं पसंद करता हूँ। इसकी जगह जल जंगल जमीन माफियाराज के खिलाफ़ लड़ाई में फर्जी मुकदमों के कारण जेल में बन्द, बेघर, …

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साठ साल का देशबन्धु

Lalit Surjan ललित सुरजन। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार व साहित्यकार हैं। देशबन्धु के प्रधान संपादक

‘प्रिंटर्स डेविल’ (Printer devils) याने छापाखाने का शैतान अखबार जगत (Newspaper industry) में और पुस्तकों की दुनिया में भी एक प्रचलित मुहावरा रहा है। छपी हुई सामग्री (Printed material) में …

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लोग कोस रहे हैं/ यह विकृत मानसिकता वालों का कृत्य है/ मगर मै पूछती हूँ क्या केवल यही सत्य है ??

रेप के मौसम नहीं होते.. उम्र-वुम्र ठिकाने भी नहीं… मंदिर-वंदिर, मस्जिद-वस्जिद, घर-रिश्तेदारी, इराने-वीराने किसी भी कारण ..किसी बहाने .. कहीं भी हो सकता है … चस्का है, लत है हिन्दुस्तान …

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देश नशे में है .. अफीम की खेती ही फूलेगी फलेगी…तमाशा ख़त्म हुआ ..चलो बजाओ…ताली…

kavita Arora डॉ. कविता अरोरा

महीनों से चल रहा मेला उखड़ने लगा.. खर्चे-वर्चे, हिसाब-विसाब, नफ़े-नुक़सान के कुछ क़िस्से कौन सा घाट किसके हिस्से… अब बस यही फ़ैसला होगा… बंदर बाट होगी काट छाँट होगी… बस …

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देश में आग लगाने का षड़यंत्र : पत्रकार जब चारण हो जाए तो समझ लीजिये देश पर संकट है

Vidya Bhushan Rawat

अंबेडकरवादी मानवाधिकार कार्यकर्ता (Ambedkarwadi human rights activist) विद्या भूषण रावत (Vidya Bhushan Rawat) का यह आलेख “उत्पीड़न की संस्कृति के विकल्प की जरूरत : पत्रकार जब चारण हो जाए तो …

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वादा फ़रामोशी : सरकारी वादों की मुकम्मल पड़ताल

Vada Faroshi Facts not fictions based on RTI शशि शेखर, संजॉय बसु और नीरज कुमार की किताब 'वादा फ़रामोशी पढ़िए'

राहुल गांधी (Rahul Gandhi), कॉमरेड कन्हैया कुमार (Comrade Kanhaiya Kumar), आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (RJD leader Tejashwi Yadav), समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav), जेएमएम …

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मोदी का 10 एकड़ में छपा इंटरव्यू पर तस्वीर पुरानी, रवीश ने कहा इंटरव्यू जमा नहीं

Ravish Kumar

नई दिल्ली, 17 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister, Narendra Modi) के एक अंग्रेजी अखबार (English newspaper) में प्रकाशित दो पेज के साक्षात्कार पर एनडीटीवी के एंकर (NDTV anchor) रवीश …

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हरिवंश बोले हमारा देश गंभीर आर्थिक परेशानियों में है आज के पत्रकार देश की आर्थिक स्थिति के बारे में सही बात लिखने से बचते हैं

Story of Comprehensive Editors Zubani of Harivansh महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में 'पुरोधा संपादकों की कहानी: हरिवंश की जुबानी' कार्यक्रम में व्याख्यान देते हरिवंश। उनके दाएं हैं राजेश लेहकपुरे, प्रो. कृपाशंकर चौबे, प्रो. गिरीश्वर मिश्र, प्रो. कृष्ण कुमार सिंह और प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी।

वर्धा। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (Mahatma Gandhi International Hindi University, Wardha) में ‘पुरोधा संपादकों की कहानी: हरिवंश की जुबानी’ कार्यक्रम 27 से 29 मार्च 2019 तक आयोजित किया …

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तो स्वार्थ सिद्धि कर रहा है मोदी विरोधी मीडिया भी

National news

17वीं लोकसभा के चुनाव प्रचार (17th Lok Sabha election campaign) ने जोर पकड़ लिया है। मोदी के पांच साल के शासन (Modi’s five year rule) में संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाएं …

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पत्रकार शिव इंदर सिंह ‘जगजीत सिंह आनंद पुरस्कार’ से सम्मानित

Journalist Shiv Inder Singh honored with 'Jagjit Singh Anand Award'

चंडीगढ़। पंजाबी के नामवर पत्रकार और पंजाबी की लोकप्रिय वेबसाइट (Popular web site of Punjabi) ‘सूही सवेर‘ (Suhi Saver) के मुख्य संपादक शिव इंदर सिंह (Shiv Inder Singh) को पत्रकारिता …

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कामचोर नहीं हैं… बीएसएनएल के कर्मचारी

BSNL

जब कभी भी कर्मचारियों के, मेरा मतलब शासकीय, अर्द्ध शासकीय कार्यालयों और कारखानों के कर्मचारियों (Employees of government, semi government offices and factories) के कामचोरी की बात होती है तो मुझे थोड़ा आश्चर्य …

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पुण्य प्रसून प्रकरण और प्रतिष्ठित पत्रकारिता के संकट पर एक सोच

Punya Prasun Bajpai

पुण्य प्रसून वाजपेयी (Punya Prasun Bajpai) ने जबसे मोदी सरकार की कमियों और घोटालों(Modi Government’s scandals and shortcomings) पर खुल कर बोलना शुरू किया है, तभी से एक पेशेवर पत्रकार (Professional journalist) के रूप में …

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एक ख़ास तरह के अंधराष्ट्रवाद के शिकार थे राजेन्द्र माथुर

Rajendra Mathur राजेंद्र माथुर,

राजेन्द्र माथुर की पत्रकारिता (Rajendra Mathur’s journalism) पर वरिष्ठ पत्रकार श्री आनंद स्वरूप वर्मा जी (senior journalist Mr. Anand Swaroop Verma) का यह लेख 1987 में ‘हंस’ में छपा था. …

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हम जैसे पत्रकारों के लिए यही उचित है कि चुनाव यदि युद्ध है तो वर्तमान सत्ता के विरुद्ध न लिखें

Lalit Surjan ललित सुरजन। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार व साहित्यकार हैं। देशबन्धु के प्रधान संपादक

हम जैसे पत्रकारों के लिए यही उचित है कि चुनाव यदि युद्ध है तो वर्तमान सत्ता के विरुद्ध न लिखें ललित सुरजन आसन्न विधानसभा चुनावों के संदर्भ में अन्यत्र प्रकाशित …

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प्रेस की आज़ादी : क्या योगी और वसुंधरा भी प्रधानमंत्री की नसीहत से सबक लेंगे !

Shesh Narain Singh शेष नारायण सिंह

पत्रकारिता के बुनियादी सवालों पर नए विचार की ज़रूरत Need a new idea on journalistic fundamental questions शेष नारायण सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में एक तमिल अखबार के …

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यूपी वालों, चाहो तो देश बचा लो! दंगाबाजों को सत्ता से बाहर धकेलो…

Palash Biswas पलाश विश्वास पलाश विश्वास। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं । आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की आवाज बनना ही पलाश विश्वास का परिचय है। हिंदी में पत्रकारिता करते हैं, अंग्रेजी के लोकप्रिय ब्लॉगर हैं। “अमेरिका से सावधान “उपन्यास के लेखक। अमर उजाला समेत कई अखबारों से होते हुए अब जनसत्ता कोलकाता में ठिकाना

नोटबंदी (Demonetization) के खिलाफ राजनीतिक मोर्चाबंदी (Political barricade) का चेहरा ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का रहा है। नोटबंदी के खिलाफ शुरू से उनके जिहादी तेवर हैं। हम शुरू से चिटफंड …

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डरा हुआ पत्रकार मरा हुआ नागरिक बनाता है

Ravish Kumar

पटियाला हाउस कोर्ट में मारपीट : मुख्य न्यायाधीश के नाम वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का खुला खत पटियाला हाउस कोर्ट जैसी घटना से तय करना मुश्किल हो जाएगा कि जज …

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राजेंद्र माथुर ने हाशिमपुरा की खबर क्यों नहीं छापी ?

Rajendra Mathur राजेंद्र माथुर,

राजेंद्र माथुर पंजाब में आतंकवाद के दौरान हिंदुवादी नजरिये से काम कर रहे थे। समयांतर के संपादक पंकज बिष्ट के साथ 10-11 दिनों पहले 26 मार्च को विभूति नारायण राय से नोएडा …

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ज्योतिर्मय डे की याद में सोनभद्र में लगाये गये 10000 पौधे

Tulsi basil

सोनभद्र 4 जुलाई (विजय विनीत) मुंबई में 11 जून को प्रख्यात पत्रकार जे डे की हत्या (The killing of noted journalist J. Day) के विरोध में  उप्र के सोनभद्र में …

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फ्री मीडिया: इस आजादी के मायने क्या हैं?

Press Freedom

उस दिन हम लोग दिल्ली से निकलने वाली एक वैकल्पिक अंग्रेजी साप्ताहिक (alternative english weekly) के दफ्तर में बैठ थे। सम्पादक महोदय ने सरकार के खिलाफ एक तीखा और लम्बा …

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