शब्द

साहित्य का कोना। कहानी, व्यंग्य, कविता व आलोचना
Literature Corner. Story, satire, poetry and criticism

वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है ..

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… वो रोज कहते हैं देश बदल रहा है .. वो बकवास करते हैं काम नहीं करते… और करने भी नहीं देते… भाषण देते हैं चिल्ला-चिल्ला कर चीख़ते हैं… व्यवस्था… व्यवस्था… अब देश में है ही क्या मनोरंजन इससे सस्ता… कहीं भी मजमा जोड़ लो …

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सुनो लड़कियों .. दमन हो जायेगा तुम्हारा.. तो फिर बलात्कार नहीं होगा

Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

सुनो लड़कियों .. दमन हो जायेगा तुम्हारा.. तो फिर बलात्कार नहीं होगा   ..सुनो लड़कियों सीना पिरोना काढ़ना सीखो… बरस चौदह तक आते-आते ब्याह.. फिर सब ऊँ स्वाहा… बीस बरस तक दो चार बच्चे… घोड़े पे राजकुमार वाले तुम्हारे तमाम ख़्वाब सच्चे… फिर जो होगा घरों में ही होगा… मार …

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सुन गुड़िया बदक़िस्मत मुल्क है यह… यहाँ तेरी पैदाइश अज़ाब है…  

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……लो मैंने फिर डरा दिया अपनी मासूम बच्ची को लड़कों से.. खुली छतों.. खुली हवाओं.. खुली सड़कों से… तीन बरस की उम्र से एहतियात से रह… बता रही हूँ… मैं मजबूर हूँ.. उसे डर-डर के जी.. सिखा रहीं हूँ… सुन तू ड्राइवरों.. सर्वेंटों… मेल टयूशन टीचरों.. से बच.. सतर्क रह… …

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अदिति गुलेरी और उनकी कविताएं : बात सिर्फ बचपन की नहीं परिवार की भी है….

Dr. Aditi Guleri's first poetry collection, डा. अदिति गुलेरी का प्रथम काव्य संग्रह बात वजूद की

अदिति गुलेरी और उनकी कविताएं : बात सिर्फ बचपन की नहीं परिवार की भी है…. हाल ही में हिमाचल प्रदेश धर्मशाला से सुप्रसिद्ध परिवार की होनहार बिटिया डा. अदिति गुलेरी का प्रथम काव्य संग्रह ‘बात वजूद की‘ मेरे पास आया जिसे स्वयं अदिति ने भेजा और प्रतिक्रिया की उम्मीद भी …

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