Please save the universities

understand the unprecedented critical juncture after the Rohit Vemula and Najib and Hok Kolorob movements as every university campus has been targeted and inflicted....

Please save the universities

Palash Biswas

I am very worried with the unexpected gender conflict situation in University campus countrywide. As the girl students were leading the student movement with the male students and even some of them kissed each other publicly to protest intolerance, hate campaign and racist attacks by the fascist forces misusing identities, this sitaution seems rather inserted within every campus to stop the newly empowered girls to participate or lead the student movement.

We have sen such incidents recently in JNU and Jadavpur campus which scrapped  the HOKKOLOROB.

I am shocked with the latest development in Wardha Hindi University where a research scholar has been ousted while the investigation in a molestation case lodged by a girl student.

The research scholar has been very active in the campus and molestation is yet to be proved.

I appeal everyone to understand the unprecedented critical juncture after the Rohit Vemula and Najib and Hok Kolorob movements as every university campus has been targeted and inflicted.

Sanjiv Chandan has wrote:

और अंततः यौन उत्पीड़न के आरोपी विद्यार्थी को हिन्दी विश्वविद्यालय ने अपने प्राशासकीय संरक्षण से मुक्त कर दिया और उसके निष्कासन का निर्णय अपने विश्वविद्यालय के वेबसाईट पर जारी कर दिया. पत्र नीचे है. यह आरोपकर्ता लड़की और उसके साथियों की बड़ी जीत है.

लेकिन ज़रा गौर करिये निष्कासन की भाषा और निर्णय पर. अभी तो आरोपी छात्र की पीएचडी पर अस्थाई रोक लगाने से वे नकार रहे थे और अभी ही बिना जांच पूरी हुए उसे निष्कासित भी कर दिया. यह विश्वविद्यालय है या कोई घनचक्कर ! सच में इस विश्वविद्यालय को या तो बंद कर देना चाहिए या मर्ज कर देना चाहिए. वैसे भी इसे सरकार ने नन परफार्मिंग यूनिवर्सिटी घोषित कर रखा है, शायद ऐसे ही अधिकारियों और शिक्षकों के कारण.

On the other hand वे खेलते हैं विद्यार्थियों के भविष्य से और विद्यार्थी भूख हड़ताल को विवश ....

तस्वीर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिहार के विद्यार्थी हैं, इनका बीए-बीएड कोर्स 15 दिनों में पूरा होने वाला है , लेकिन कोर्स को मान्यता ही नहीं है. विश्ववविद्यालय अपना हाथ झाड रहा है, यूजीसी, एमएचआरडी सबके -सब पल्ला झाड रहे हैं.

देश भर में ऐसे कई केन्द्रीय विश्वविद्यालय हैं, जिनके बीए-बीएड कोर्स को मान्यता नहीं है

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