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जरूर लें छुट्टियां क्योंकि ये रखती हैं आपके दिल का ख्याल

नई दिल्ली, 22 जून। अपनी भागदौड़ भरी व्यस्त दिनचर्या से कुछ वक्त छुट्टियों के लिए भी निकालें क्योंकि इन छुट्टियों की मदद से आप न केवल खुद को स्ट्रेस से मुक्ति दिला सकते हैं बल्कि इससे दिल की बीमारियों के होने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है (Frequent vacations can reduce risk of cardiovascular diseases)। मनोविज्ञान और स्वास्थ्य पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि छुट्टियां चपापचय संबंधी लक्षणों को कम करने में मददगार है जिससे दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।

अमेरिका में स्थित सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक ब्रायस ह्य्रूस्का (Bryce Hruska -Assistant Professor of Public Health at Syracuse University) के मुताबिक,

“हमने पाया कि जिन व्यक्तियों में पिछले 12 महीनों में अकसर ही छुट्टियां ली हैं उनमें चपापचय सिंड्रोम और चपापचय लक्षणों का जोखिम कम है।”

उन्होंने आगे कहा,

“चपापचय सिंड्रोम दिल की बीमारियों के लिए जोखिम कारकों का एक संग्रह हैं। यदि आपमें यह ज्यादा है तो आपको दिल की बीमारियों के होने खतरा कहीं अधिक हैं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम वास्तव में यह देख रहे हैं कि जो इंसान अक्सर ही छुट्टियों पर जाता है उसमें ह्दय रोग का खतरा कम पाया गया क्योंकि चपापचय संबंधी लक्षण परिवर्तनीय हैं यानि कि वे बदल सकते हैं या फिर उन्हें मिटाया जा सकता है।”

शोधपत्र के अनुसार एक व्यक्ति अपने मैटाबॉलिक लक्षणों को कम करके हृदय व रक्त संबंधी रोगों को छुट्टी पर जाकर कम कर सकता है।

ब्रायस ह्रस्का, पीएच.डी. मनोवैज्ञानिक तनाव (psychological stress) के क्षेत्र में एक विशेषज्ञ हैं। वह व्यावसायिक तनाव (Occupational Stress), PTSD, तनाव और स्वास्थ्य (Stress And Health), दर्दनाक घटनाओं (Traumatic Events) के भी विसेषज्ञ हैं। उनका शोध इस बेहतर समझ पर केंद्रित है कि व्यावहारिक, जैविक, और मनोसामाजिक रास्ते की पहचान पर जोर देने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के लिए “त्वचा के नीचे तनाव” कैसे होता है, जिसके माध्यम से तनाव स्वास्थ्य के परिणामों को प्रभावित करने के लिए संचालित होता है। इस शोध का अंतिम लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों और प्रथाओं को सूचित करना है जो सामाजिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दे सकते हैं।

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