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Kolkata: CPI leader Gurudas Dasgupta, former JNU Students Union leader Kanhaiya Kumar and Gujarat Dalit leader Jignesh Mevani during a rally organised to mark the 94th foundation day of the party in Kolkata, on Dec 26, 2018. (Photo: Kuntal Chakrabarty/IAN
Kolkata: CPI leader Gurudas Dasgupta, former JNU Students Union leader Kanhaiya Kumar and Gujarat Dalit leader Jignesh Mevani during a rally organised to mark the 94th foundation day of the party in Kolkata, on Dec 26, 2018. (Photo: Kuntal Chakrabarty/IANS

कन्हैया कहिन : सावरकर को भारत रत्न देना भगत सिंह का अपमान

नई दिल्ली, 18 अक्तूबर 2019. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी– Communist Party of India (भाकपा) के नेता एवं जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने वीर सावरकर को भारत रत्न देने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि यदि सरकार विनायक सावरकर को भारत रत्न से सम्मानित करती है, तो उसे इसी पुरस्कार के लिए शहीद भगत सिंह के नाम की सिफारिश नहीं करनी चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुवार की रात औरंगाबाद के आमखास मैदान में औरंगाबाद मध्य विधानसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार ए.डी.वी. अभय टकसाल के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि वह सावरकर को भारत रत्न देने की सिफारिश करेगी, जो देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद भगत सिंह का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी थी।

उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ने निजामों के शासन को मराठवाड़ा से समाप्त करने के लिए शुरू किये गये मुक्तिसंग्राम में भाग लिया था और पार्टी हमेशा लोगों की भलाई के मुद्दे पर लड़ती रहेगी।

भाकपा नेता ने कहा कि औरंगाबाद में जातिवाद की राजनीति समाप्त हो गयी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यहां 35 विभिन्न मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है।

छात्र नेता ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा अनुच्छेद 370 की मुद्दे उठा रही है और किसान, बेरोजगारी, सड़क, जल संकट जैसे कई बुनियादी मुद्दों को दर किनार कर रही है। उन्होंने मतदाताओं से जातिवाद और क्षेत्रवाद के नाम पर मतदान नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि मतदाता झूठे वादों में न फंसे और एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर निष्पक्ष उम्मीदवार को अपना वोट दें। इस मौके पर भाकपा नेता राम भारती, अशफाक सलामी, मनोहर टकाला सहित कई अन्य नेता भी मौजूद थे।

आरएसएस के महापुरुष, हिन्दुत्व के जनक ‘वीर’ सावरकर के 1913 और 1920 के माफ़ीनामों का मूल-पाठ

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