उत्तराखण्ड – कॉरपोरेट घरानों का खेल जारी है तो प्रयास भी जारी हैं

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रूस का आपात-नियन्त्रण मन्त्रालय बाढ़-पीड़ित भारत को तुरन्त सहायता पहुँचाने के लिये तत्पर है जबकि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित उत्तराखण्ड में हजारों लोग अब भी फँसे हुये हैं। शनिवार हुयी बारिश ने राहत कार्यों में रुकावट पैदा की है। उधर खबर है कि हस्तक्षेप पर खबर प्रकाशित होने के बाद रुद्रप्रयाग के एसपी का फोन ध्रुव काण्डपाल के पास गया है कि एक टीम उनके पास पहुँच रही है।

खबर है कि उत्तराखण्ड के कई इलाकों में शनिवार को बारिश हुयी जिसके चलते रात में बारिश से राहत और बचाव के काम में बाधा आ सकती है।

रूस का आपात-नियन्त्रण मन्त्रालय बाढ़-पीड़ित भारत को तुरन्त सहायता पहुँचाने के लिये तत्पर है। रेडियो रूस ने मन्त्रालय की प्रवक्ता इरीना रोस्सीउस के हवाले से यह खबर दी है|

रोस्सीउस ने कहा है कि “हमारे विशेषज्ञ जल्दी से जल्दी आवश्यक सहायता करने के लिए तैयार हैं, वे राहत सामग्री पहुँचा सकते हैं, बाढ़ के दुष्परिणामों से निपटने में मदद कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि “सारा ज़रूरी साज़-सामान जमा कर लिया गया है और उच्च कोटि के विशेषज्ञ किसी भी क्षण काम में जुटने के लिये तैयार हैं| जैसे ही भारत को सहायता की आवश्यकता होगी हम तुरन्त यह सब प्रदान कर सकेंगे| हमारे मन्त्रालय को ऐसी प्राकृतिक विपदाओं से निपटने का अनुभव है,”

हस्तक्षेप पर खबर प्रकाशित होने पर आपदा में फँसे ध्रुव काण्डपाल के मित्रों ने हस्तक्षेप का आभार प्रकट करते हुये सूचित किया है कि रुद्रप्रयाग के एसपी का फोन ध्रुव काण्डपाल के पास गया है कि एक टीम उनके पास पहुँच रही है। सहारनपुर स विकल्प सामाजिक संस्था के रजनीश गंभीर का पत्र प्राप्त हुआ है जो इस प्रकार है -

प्रिय मीडिया बन्धुगण एवं मददगार साथियों

कल मीडिया में और सभी साथियों को उत्तराखण्ड के गाँव कवेलता में बाढ़ के कारण फँसे लोगों के बारे में दी गयी जानकारी के आधार पर ईपेपर हस्तक्षेप ने जो रिपोर्ट प्रकाशित की उसके लिये हम तहेदिल से धन्यवाद अदा करते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथी आशीष त्रिपाठी जिन्होंने सभी महत्वपूर्ण फोन न.-  ईमेल आईडी भेजे उनका भी हम तहेदिल से धन्यवाद अदा करते हैं। हमने प्रकाशित समाचार बड़े पैमाने पर सर्कुलेट भी किये हैं। कई साथियों ने प्रशासनिक अधिकारियों डीएम, एसपी, डीजीपी से बात की लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गयी अलबत्ता इस समूह के बारे में लगातार बाहर अपने दोस्तों गरिमा अरोरा व कुमार सारंग के माध्यम से खबर भेज रहे व इस ग्रुप में अपने पिता के साथ फँसे ध्रुव कांडपाल को पुलिस अधिकारियों ने बोला कि हम कुछ नहीं कर सकते, कल देखो इन्तज़ार करो। ध्रुव ने संदेश भेजकर बताया कि नैनीताल से बहुत से लोगों ने पुलिस व प्रशासन तथा वहाँ के विधायक को भी फोन किया है, लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा है। इसके अलावा भी हमारे साथी जंगबहादुर ने बहराईच से उपजिलाधिकारी रूद्रप्रयाग व जिला सूचना अधिकारी से बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके अलावा ध्रुव के मित्र गरिमा अरोरा ने जिलाधिकारी से बात की और कुमार सारंग ने भी जहाँ-जहाँ सम्भव मदद हो सकती है, प्रयास कर रहे हैं। कॉरपोरेट घरानों का खेल जारी है। अभी प्रयास जारी हैं। गाँव का नाम कबीलथा है, और यह गाँव गौरीकुंड केदारनाथ से 42.2 कि.मी नीचे की ओर है। इस समूह में सात लोग बुजुर्ग हैं जिनकी स्वास्थ्य हालत गंभीर बनी हुयी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के वैंकटेश्वरा कालेज के छात्र नौजवान ध्रुव कंडपाल अपनी जान की परवाह ना करते हुये बुजुर्गों और अन्य लोगों की जान की ज़्यादा चिन्ता कर रहे हैं और इस भारी मुसीबत के समय भी धैर्य का दामन ना छोड़ कर सक्रिय बने हुये हैं। उनके कई सहपाठी, सीनियर्स और जूनियर्स बाहर रहकर भी कोशिश में लगे हैं,  इस संदर्भ में अभी हाल की स्थिति ये है कि एसपी रुद्रप्रयाग का फोन ध्रुव के पास गया है और एक टीम वहाँ पहुँच रही है। ध्रुव के बहुत से दोस्तों के प्रयास से सेना अधिकारियों से भी सम्पर्क हुआ है जिनके माध्यम से खबर मिली है कि कल वे वहाँ पहुंच रहे हैं। ऑल इण्डिया यूनियन ऑफ फारेस्ट वर्किंग पीपुल द्वारा महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मन्त्री जयराम रमेश, केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मन्त्री किशोर चन्द्र देव, पर्यावरण एवम् वनमन्त्री जयंती नटराजन, राज्यपाल उत्तराखंड और राज्यपाल उत्तर प्रदेश, मुख्य सचिव उत्तराखण्ड और मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को मेल द्वारा भी सूचित किया गया। गाँव  की लोकेशन गूगल मैप लिंक के अनुसार निम्न हैः-

https://maps.google.co.in/maps?hl=en&authuser=0&q=village+Kafathiya+near+kalimath+rudraprayag&um=1&ie=UTF-8&sa=N&tab=wl

 

रजनीश

विकल्प

11, मंगल नगर

सहारनपुर

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