शब्द
गोडसे@गांधीकॉम
गोडसे@गांधी.कॉम

बापू नाथूराम गोडसे की गोली से मरते नहीं बल्कि होश में आने पर वो सबसे पहले गोडसे के बारे में जानना चाहते हैं।

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-08 18:51:40
वाराणसी  आजादी की लड़ाई का चमकता कम्युनिस्ट सितारा कामरेड रुस्तम सैटिन
वाराणसी : आजादी की लड़ाई का चमकता कम्युनिस्ट सितारा कामरेड रुस्तम सैटिन

एक बार छूटने के बाद उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया और लखनऊ के कैम्प जेल में रखा गया था जो टीन की चादरों वाले छत की जेल थी। इस जेल की गर्मी में अ...

वीरेन्द्र जैन
2018-10-07 16:18:33
छबीला रंगबाज का शहर में हमारे समय की जीती जागती तस्वीरें हैं – मनोज झा
'छबीला रंगबाज का शहर' में हमारे समय की जीती जागती तस्वीरें हैं – मनोज झा

हिन्दू कालेज में छबीला रंगबाज का शहर का मंचन

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-06 23:37:18
प्रतिबद्धता के ज़मीनी चेहरे
प्रतिबद्धता के ज़मीनी चेहरे

ऐसे लोगों के ऐसे जज़्बे देखकर उलट उदाहरणों का भी ख़याल आता है जो अपना पक्ष बदलने के लिए किसी न किसी बहाने के इंतज़ार में ही रहते हैं।

अतिथि लेखक
2018-09-27 22:25:21
यह क्रूरता के अद्भुत साधारणीकरण का समय है -  प्रो पुरुषोत्तम अग्रवाल
यह क्रूरता के अद्भुत साधारणीकरण का समय है -  प्रो पुरुषोत्तम अग्रवाल

हिन्दू कालेज में दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यान

अतिथि लेखक
2018-09-24 22:36:36
एय मेरी तुलू ए नूर  तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर
एय मेरी तुलू ए नूर .. तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर ..

एय मेरी तुलू ए नूर .. तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर .. कर शुरूआत नयी .. लिक्ख उजाले  अपनी लकीरों में .. तू ख़ुशियों का अर्क पी ..

अतिथि लेखक
2018-09-24 20:25:36
रामचंद्र गुहा की नई किताब और किताबों की कीमत का सवाल
रामचंद्र गुहा की नई किताब और किताबों की कीमत का सवाल

यह सच है कि हिंदी की किताबों की कम बिक्री उसकी कीमतों को प्रभावित करती है। लेकिन किताब की अधिक कीमत उसकी बिक्री को भी बाधित करती है।

अरुण माहेश्वरी
2018-09-21 12:14:29
हमारे समय का सच- रूममेट्स
हमारे समय का सच- रूममेट्स

सीत हार गई, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है। वह झाँसी वाली भी तो हार गई थी, कुछ लड़ाइयो में लड़ने का हौसला जुटा पाना ही जीत होती है।

अतिथि लेखक
2018-09-20 22:03:38
समीर अमीन  मार्क्सवाद के एक योद्धा का निधन
समीर अमीन : मार्क्सवाद के एक योद्धा का निधन

मार्क्सवाद को नए आयाम देने वाले तथा जनवादी दुनिया के सपने के आशाद्वीप समीर अमीन ने ऐसे समय दुनिया को अलविदा कह दिया जब उनकी बेइम्तहां जरूरत थी

ईश मिश्र
2018-09-08 00:24:49
नए अनुभव संसार की कहानियां हैं पूर्वोत्तर का दर्द
नए अनुभव संसार की कहानियां हैं पूर्वोत्तर का दर्द

उग्रपंथियों का संघर्ष वैसे लोगों का संघर्ष है, जो शहरी जीवन से बेहद दूर पर्वतीय इलाके में सरकारी तंत्र और शोषण का अनाचार सहते रहे हैं।

अतिथि लेखक
2018-09-07 20:54:57
मैं भी नक्सल तू भी नक्सल
मैं भी नक्सल तू भी नक्सल

दवा मंगाओ तो भी नक्सल लिंचिंग का विरोध भी नक्सल बच्चों की ऑक्सीजन नक्सल माँऔं की चीज़ें भी नक्सल ख्वाबों की लाश भी नक्सल

अतिथि लेखक
2018-09-01 19:06:02
ईमानदार पाठक भी वस्तुत बहुत बड़ा कवि होता है - विष्णु खरे
ईमानदार पाठक भी वस्तुत: बहुत बड़ा कवि होता है - विष्णु खरे

कविता पढ़ना बहुत परिश्रम की मांग करता है और इसके लिए विश्व पाठक बनना होगा।

अतिथि लेखक
2018-08-28 19:35:19
यह खुद बेहद डरे हुए हैं इस नंगी औरत से
यह खुद बेहद डरे हुए हैं ....इस नंगी औरत से ....

कौन है ..? किसकी क्या लगती है ? कुछ भी तो नहीं पता ...बद़जात का ... एैसी वैसी ही है  ...यह औरत ... शायद औरत भी नहीं है ... यह तो महज़...

अतिथि लेखक
2018-08-25 18:40:02
तेरी गल्ल्याँ  मैं चीजों को ही खुदा समझता रहा
'तेरी गल्ल्याँ' : मैं चीजों को ही खुदा समझता रहा

नाटक एकदम समाज के उस वर्ग को अभियुक्त बना देता है जो अपने बच्चों पर धन दौलत उपहारों को लुटाकर अपनी जिम्मेदारियों की इतिश्री समझ लेता है.

शमशाद इलाही शम्स
2018-08-20 22:07:47
मैं "राजधर्म" में नहीं-नहीं मैं "लोकधर्म" में जिंदा हूँ - अटल बिहारी वाजपेयी ने मृत्यु-उपरांत लिखी कविता