शब्द
प्रेम मनुष्य और ‘देवता’    नर-नारीश्वर   
प्रेम, मनुष्य और ‘देवता’  :  नर-नारीश्वर   

पेरुमल मुरुगन तमिल के सुप्रसिद्ध कवि, कहानीकार और उपन्यासकार हैं। समकालीन तमिल साहित्य में उनका स्थान बहुत ऊंचा है।

अतिथि लेखक
2018-12-02 19:35:40
बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ
बीसवीं सदी में फ़ैज़ जैसा कवि भारतीय उपमहाद्वीप में नहीं हुआ

फ़ैज़ के व्यक्तित्व में जो बागीपन है उसका आधार है दुनिया की गुलामी,  गरीबी,  लोकतंत्र का अभाव और साम्राज्यवाद का वर्चस्वशाली चरित्र

जगदीश्वर चतुर्वेदी
2018-11-21 10:27:22
यौन शुचिता के मिथकों को ध्वस्त करती है देह ही देश
यौन शुचिता के मिथकों को ध्वस्त करती है 'देह ही देश'

बलात्कार की घटनाओं पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना भीषण सामाजिक विकृति

हस्तक्षेप डेस्क
2018-11-19 22:01:59
भाषा आदमी की अपनी पहचान को खत्म करती है हेगेल ने कहा है शब्द वस्तु की हत्या के सबब होते हैं
भाषा आदमी की अपनी पहचान को खत्म करती है, हेगेल ने कहा है 'शब्द वस्तु की हत्या के सबब होते हैं'

पुरातनपंथी और जड़ विचारों से जकड़ा हुआ समाज न कभी किसी भाषा के विकास में सहयोगी बन सकता है और न संस्कृति के विकास में।

अरुण माहेश्वरी
2018-11-04 11:14:05
हिन्दू कालेज में देह ही देश
हिन्दू कालेज में 'देह ही देश'

औरतों की देह पर ही लड़े जाते हैं सभी युद्ध... उग्र राष्ट्रवाद और पूंजीवाद मिलकर युद्ध को अपने हितों का व्यवसाय बना देते हैं

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-30 19:21:46
गोडसे@गांधीकॉम
गोडसे@गांधी.कॉम

बापू नाथूराम गोडसे की गोली से मरते नहीं बल्कि होश में आने पर वो सबसे पहले गोडसे के बारे में जानना चाहते हैं।

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-08 18:51:40
वाराणसी  आजादी की लड़ाई का चमकता कम्युनिस्ट सितारा कामरेड रुस्तम सैटिन
वाराणसी : आजादी की लड़ाई का चमकता कम्युनिस्ट सितारा कामरेड रुस्तम सैटिन

एक बार छूटने के बाद उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया और लखनऊ के कैम्प जेल में रखा गया था जो टीन की चादरों वाले छत की जेल थी। इस जेल की गर्मी में अ...

वीरेन्द्र जैन
2018-10-07 16:18:33
छबीला रंगबाज का शहर में हमारे समय की जीती जागती तस्वीरें हैं – मनोज झा
'छबीला रंगबाज का शहर' में हमारे समय की जीती जागती तस्वीरें हैं – मनोज झा

हिन्दू कालेज में छबीला रंगबाज का शहर का मंचन

हस्तक्षेप डेस्क
2018-10-06 23:37:18
प्रतिबद्धता के ज़मीनी चेहरे
प्रतिबद्धता के ज़मीनी चेहरे

ऐसे लोगों के ऐसे जज़्बे देखकर उलट उदाहरणों का भी ख़याल आता है जो अपना पक्ष बदलने के लिए किसी न किसी बहाने के इंतज़ार में ही रहते हैं।

अतिथि लेखक
2018-09-27 22:25:21
यह क्रूरता के अद्भुत साधारणीकरण का समय है -  प्रो पुरुषोत्तम अग्रवाल
यह क्रूरता के अद्भुत साधारणीकरण का समय है -  प्रो पुरुषोत्तम अग्रवाल

हिन्दू कालेज में दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यान

अतिथि लेखक
2018-09-24 22:36:36
एय मेरी तुलू ए नूर  तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर
एय मेरी तुलू ए नूर .. तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर ..

एय मेरी तुलू ए नूर .. तू बढ़ और छा जा अबद की काली रवायतों पर .. कर शुरूआत नयी .. लिक्ख उजाले  अपनी लकीरों में .. तू ख़ुशियों का अर्क पी ..

अतिथि लेखक
2018-09-24 20:25:36
रामचंद्र गुहा की नई किताब और किताबों की कीमत का सवाल
रामचंद्र गुहा की नई किताब और किताबों की कीमत का सवाल

यह सच है कि हिंदी की किताबों की कम बिक्री उसकी कीमतों को प्रभावित करती है। लेकिन किताब की अधिक कीमत उसकी बिक्री को भी बाधित करती है।

अरुण माहेश्वरी
2018-09-21 12:14:29
हमारे समय का सच- रूममेट्स
हमारे समय का सच- रूममेट्स

सीत हार गई, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है। वह झाँसी वाली भी तो हार गई थी, कुछ लड़ाइयो में लड़ने का हौसला जुटा पाना ही जीत होती है।

अतिथि लेखक
2018-09-20 22:03:38
समीर अमीन  मार्क्सवाद के एक योद्धा का निधन
समीर अमीन : मार्क्सवाद के एक योद्धा का निधन

मार्क्सवाद को नए आयाम देने वाले तथा जनवादी दुनिया के सपने के आशाद्वीप समीर अमीन ने ऐसे समय दुनिया को अलविदा कह दिया जब उनकी बेइम्तहां जरूरत थी

ईश मिश्र
2018-09-08 00:24:49
नए अनुभव संसार की कहानियां हैं पूर्वोत्तर का दर्द
नए अनुभव संसार की कहानियां हैं पूर्वोत्तर का दर्द

उग्रपंथियों का संघर्ष वैसे लोगों का संघर्ष है, जो शहरी जीवन से बेहद दूर पर्वतीय इलाके में सरकारी तंत्र और शोषण का अनाचार सहते रहे हैं।

अतिथि लेखक
2018-09-07 20:54:57