काठ के घोड़े पर सवार/ कोड़ा फटकारता राजा निरबंसिया, राजा निरबंसिया,

राजा निरबंसिया

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काठ के घोड़े पर सवार

कोड़ा फटकारता राजा निरबंसिया

प्रजा को लगता है

घोड़ा हिलडुल रहा

राजकाज ठीक चल रहा

बस विकास पैदा हो रहा है

 

☘ ज स बी र  चा व ला

 

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