उठेगें आवाज़ों के जनाज़े/ आवाज़ें फिर भी आयेंगी 

आवाज़ें 

   --

 

आवाज़ें दबाई जायेंगी 

आवाज़ें मारी जायेंगी

उठेगें आवाज़ों के जनाज़े 

आवाज़ें फिर भी आयेंगी 

 

* राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुख़ारी की हत्या पर 

 

☘  जसबीर चावला 

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