तुम्हारी मौत से....बेहद ख़ुश हूँ.....आसिफ़ा...क्योंकि यहाँ...चंद मोमबत्तियों के...पिघलने से...कुछ नहीं..पिघलने वाला

....मुझे यक़ीन है ..फिर से ...थमा दी जायेंगी ...लड़कियों को ...वही घिसी पिटी सी ..नसीहतें ....वही सलीक़े ..से रहने के ...मशवरे ... क़ुसूर तुम्हारा है ... बस यही साबित होना बाक़ी है .....

तुम्हारी मौत से....बेहद ख़ुश हूँ.....आसिफ़ा...क्योंकि यहाँ...चंद मोमबत्तियों के...पिघलने से...कुछ नहीं..पिघलने वाला

डॉ. कविता अरोरा

मैं ख़ुश हूँ ... तुम्हारी मौत से .... बेहद ख़ुश .....आसिफ़ा .......मुझे यक़ीन है....महज़ कुछ दिनों में ही ...हम ..तुम्हें ...भूल जायेंगे ...आसिफ़ा ....और हो जायेंगे ...मसरूफ ..अपने ..अपने कामों में

....मुझे यकीन है ...यहाँ ...चंद मोमबत्तियों के ...पिघलने से ...कुछ नहीं ..पिघलने वाला ....आग में सुलगती हुई ..सुर्ख़ ...सलाखे़ ..चाहियें

....मुझे यक़ीन है ..फिर से ...थमा दी जायेंगी ...लड़कियों को ...वही घिसी पिटी सी ..नसीहतें ....वही सलीक़े ..से रहने के ...मशवरे ... क़ुसूर तुम्हारा है ... बस यही साबित होना बाक़ी है ..

मुझे यक़ीन  है ... वो कर देंगे ....हर बार की तरह ....क़वायदें ..शुरू भी हो चुकी .... तुम झूठ हो ... साज़िश हो ...वो ...साबित करने में लगे हैं ....मगर मै ख़ुश हूँ ...तुम्हारी मौत से ..आसिफ़ा ... बेहद खुश .... कि किसी ने तो लगा के गले बचा लिया तुम्हें ....

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