चौथा खम्भा
ऐरु-गैरु-नत्थु-खैरु रेडियो मैकेनिक आज पत्रकारिता में जमे हुए हैं - टीवी के पर्दे पर छाए हुए हैं
ऐरु-गैरु-नत्थु-खैरु रेडियो मैकेनिक आज पत्रकारिता में जमे हुए हैं - टीवी के पर्दे पर छाए हुए हैं

हर ऐरु-गैरु-नत्थु-खैरु सोचता है कि पत्रकारिता या रेडियो-पत्रकारिता में क्या रखा है ? सिर्फ़ लिख या बोल देना पड़ता है. यह मैं भी कर सकता हूं.

उज्ज्वल भट्टाचार्या
2018-09-07 19:35:41
टीवी 100 के पत्रकारों के ऊपर पत्रकार देवेंद्र पटवाल की हत्‍या का मुकदमा दर्ज करने की याचिका मंजूर
टीवी 100 के पत्रकारों के ऊपर पत्रकार देवेंद्र पटवाल की हत्‍या का मुकदमा दर्ज करने की याचिका मंजूर

टीवी 100 के पत्रकारों के ऊपर पत्रकार देवेंद्र पटवाल की हत्‍या का मुकदमा दर्ज करने की याचिका मंजूर

हस्तक्षेप डेस्क
2018-09-04 16:50:05
पत्रकारिता कब और कैसे मीडिया बन गई  दो दशकों में हमने पत्रकारिता को कमाई के धंधे में बदल डाला
पत्रकारिता कब और कैसे मीडिया बन गई ? दो दशकों में हमने पत्रकारिता को कमाई के धंधे में बदल डाला

पिछले 20 सालों में मीडिया मालिक ही नवउदारवाद और निजीकरण के सबसे बड़े लाभार्थी। जिन्हें अपने लाखों के शेयर बचाने हैं वे आपको सच बताएंगे? पत्रकारिता...

अतिथि लेखक
2018-08-27 09:58:00
लालूराज में जैसे उनके खिलाफ लिखा अगर आज उसी अंदाज में नीतीश के खिलाफ लिख रहा होता तो शर्तिया जेल में होता या मार दिया गया होता
लालूराज में जैसे उनके खिलाफ लिखा .अगर आज उसी अंदाज में नीतीश के खिलाफ लिख रहा होता तो शर्तिया जेल में होता या मार दिया गया होता..

लालूराज में जैसे उनके खिलाफ लिखा .अगर आज उसी अंदाज में नीतीश के खिलाफ लिख रहा होता तो शर्तिया जेल में होता या मार दिया गया होता..

हस्तक्षेप डेस्क
2018-08-21 22:58:38
हां हां  यह अघोषित इमर्जेंसी ही है
हां, हां ! यह अघोषित इमर्जेंसी ही है

ज्यों-ज्यों मोदी एंड कंपनी को 2019 का चुनाव अपने हाथ से फिसलता लग रहा है, यह हमला और तीखा हो रहा है। आखिरकार, मीडिया जनता के आंख-कान का विस्तार है।

राजेंद्र शर्मा
2018-08-05 18:26:59
हिंदी पत्रकारिता पर विधवा विलाप का कोई अर्थ नहीं प्रभाष जोशी ने क्या कहा था सुनिये
हिंदी पत्रकारिता पर विधवा विलाप का कोई अर्थ नहीं, प्रभाष जोशी ने क्या कहा था, सुनिये

फिर खुद प्रभाष जी कई छुटभैय्ये संपादकों के सिंहासन के तहत भीष्मपितामह की भूमिका में आ कर मृत्युपर्यंत नमकहलाली करते रहे... इस पूरे वाक़ये को पत्र...

राजीव मित्तल
2018-08-05 10:10:51
आज आलोचना की हर आवाज़ कुचली जा रही है यह रेंगता हुआ फ़ासीवाद है
आज आलोचना की हर आवाज़ कुचली जा रही है. यह रेंगता हुआ फ़ासीवाद है.

सवाल यह भी नहीं है कि पुण्यप्रसून कितने महान हैं. हमें आज सबसे पहले देश में लोकतंत्र को कुचले जाने की फ़िक्र है. इसका मतलब यह नहीं कि दूसरे मस...

उज्ज्वल भट्टाचार्या
2018-08-04 19:49:54
सरकार की छवि बनाना और बचाना ही पत्रकारिता है तो जनसंपर्क विभाग वाले क्या तमाशा देखने के लिए रखे गए हैं
सरकार की छवि बनाना और बचाना ही पत्रकारिता है तो जनसंपर्क विभाग वाले क्या तमाशा देखने के लिए रखे गए हैं?

सरकार की छवि बनाना और बचाना ही पत्रकारिता है तो जनसंपर्क विभाग वाले क्या तमाशा देखने के लिए रखे गए हैं?

अतिथि लेखक
2018-08-04 19:42:47
इस विरोधी दुनिया में फासीवादियों को गले लगाइए नफरत बेचने वालों को प्यार से ही खरीदा जा सकता है
इस विरोधी दुनिया में फासीवादियों को गले लगाइए, नफरत बेचने वालों को प्यार से ही खरीदा जा सकता है

आरएसएस : दुनिया का सबसे बड़ा फासीवादी संगठन.... मोदी अपनी राजनीतिक सूझबूझ और अपने शासन के ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर फासीवाद का साकार रूप हैं,

अतिथि लेखक
2018-08-03 11:04:26
बाजारू मीडिया में अश्वत्थामा पत्रकार
बाजारू मीडिया में अश्वत्थामा पत्रकार

हिंदी का सम्पादक प्रबंधन और मालिक की दया पर जीने वाला वो प्राणी है, जिसका सारा समय अपनी कुर्सी को बचाए रखने में बीतता है।

राजीव मित्तल
2018-07-25 13:30:13
प्रभाष जोशी को भी भगवा रंग में रंगने का अभियान होने लगा विरोध
प्रभाष जोशी को भी भगवा रंग में रंगने का अभियान, होने लगा विरोध

प्रभाष जोशी की याद में कार्यक्रम में मुरली मनोहर जोशी देंगे व्याख्यान, उठे विरोध के स्वर

हस्तक्षेप डेस्क
2018-07-12 11:46:52
शुजात बुखारी की हत्या पर राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल तक और बरखा दत्त से लेकर एडिटर्स गिल्ड तक ने क्या कहा
शुजात बुखारी की हत्या पर राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल तक और बरखा दत्त से लेकर एडिटर्स गिल्ड तक ने क्या कहा

शुजात बुखारी की हत्या पर राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल तक और बरखा दत्त से लेकर एडिटर्स गिल्ड तक ने क्या कहा

हस्तक्षेप डेस्क
2018-06-14 22:49:28
राजकिशोर के निधन से भारतीय हिंदी पत्रकारिता खासतौर से समाजवादी-धर्मनिरपेक्ष धारा की पत्रकारिता को अपूरणीय क्षति हुई
राजकिशोर के निधन से भारतीय हिंदी पत्रकारिता, खासतौर से समाजवादी-धर्मनिरपेक्ष धारा की पत्रकारिता को अपूरणीय क्षति हुई

राजकिशोर के निधन से भारतीय हिंदी पत्रकारिता, खासतौर से समाजवादी-धर्मनिरपेक्ष धारा की पत्रकारिता को अपूरणीय क्षति हुई

अतिथि लेखक
2018-06-04 14:30:34
रणवीर सेना ने दी फारवर्ड प्रेस के हिंदी संपादक को जान मारने की धमकी
रणवीर सेना ने दी फारवर्ड प्रेस के हिंदी संपादक को जान मारने की धमकी

रणवीर सेना ने दी फारवर्ड प्रेस के हिंदी संपादक को जान मारने की धमकी

हस्तक्षेप डेस्क
2018-06-02 18:11:48
क्या चीन के लिए जासूसी और भारत विरोध कर रहा है uc news app  ऐप पर भाजपा-मोदी के विरोध में भी नहीं लिख सकते
क्या चीन के लिए जासूसी और भारत विरोध कर रहा है UC News App ? ऐप पर भाजपा-मोदी के विरोध में भी नहीं लिख सकते

क्या चीन के लिए जासूसी और भारत विरोध कर रहा है UC News App ? ऐप पर नहीं लिख सकते भाजपा-मोदी के विरोध में

हस्तक्षेप डेस्क
2018-05-27 11:03:41