शमा सिकंदर की वेब-सीरीज ‘अब दिल की सुन’ का चैप्टर 3 उनके भाई रिजवान सिकंदर की रियल-लाइफ इंसिडेंट से रिलेटेड है

शमा सिकंदर का भाई रिजवान सिकंदर, अपने एक्शन स्टंट्स और एक्टिंग के लिए जाना जाता है, जिन्होंने बहुत सारे टेलीविज़न और रियलिटी शोज किये हैं....

एजेंसी
शमा सिकंदर की वेब-सीरीज ‘अब दिल की सुन’ का चैप्टर 3 उनके भाई रिजवान सिकंदर की रियल-लाइफ इंसिडेंट से रिलेटेड है
Rizwan Sikander - 1

शमा सिकंदर का भाई रिजवान सिकंदर, अपने एक्शन स्टंट्स और एक्टिंग के लिए जाना जाता हैं, जिन्होंने बहुत सारे टेलीविज़न और रियलिटी शोज किये हैं.

‘अब दिल की सुन’ वेब-सीरीज इन दिनों काफी चर्चाओ में हैं, और अभी हाल ही में सीरीज का तीसरा चैप्टर मर्सी रिलीज़ हुआ हैं. हमें हमारे सूत्रों से पता चला हैं की इस चैप्टर का बहुत गहरा रिश्ता रिजवान के रियल-लाइफ इंसिडेंट से हैं, और शो में सिर्फ रोल बदल कर असली कहानी बताई गई हैं.

हमने रिजवान से बात की और इस पर कुछ रोशनी डालने को कहा, तो उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले की बात हैं, मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रेस्टोरेंट के बहार निकल रहा था, जहाँ कुछ लडको ने उसे छेड़ना शुरू कर दिया, एक ने तो उसको हाथ भी लगाना शुरू कर दिया. मुझे तो गुस्सा आ गया, और अपनी गर्लफ्रेंड को बचने के लिए मैं लड़ने लगा. तभी पीछे से एक लड़का आया और उसने मेरी गर्दन साइड से काट दी. मैं होश खोने लगा, क्योंकि काफी खून बह रहा था”

“जैसे-तैसे कर के हम हॉस्पिटल पहुंचे, वहां डॉक्टर ने बताया की ऊपर वाले का शुर्क बनाओ, अगर ये कट थोडा और गहरा होता तो आप शायद नहीं बचते. मुझे 56 टांके लगे, और मुझे पूरी तरह ठीक होने में काफी समय लग गया”

“शमा उन दिनों ‘यह मेरी लाइफ है’ की शूटिंग कर रही थी, वह जल्दी से हॉस्पिटल पहुंची, लेकिन वह पुरे रास्ते यही सोच रही थी की उन लडको को कैसे सबक सिखाया जाये जिन्होंने मेरे भाई की ये हालत कर दी. शमा काफी गुस्से में थी, उसे दुःख भी बहुत हो रहा था, लेकिन जैसे ही वह हॉस्पिटल पहुंची, उसे अहसास हुआ की ऐसा सोच कर कुछ नहीं होगा. और मुझे देखने के बाद, शमा ने उन लडको को माफ़ करने का फैसला किया”  

“वही शमा को मर्सी का अहसास हुआ और लगा की झगडे से कुछ नहीं होगा, दयाभाव से ही शांति मिलेगी और वही से ‘अब दिल की सुन’ की कहानी निकली हैं. तो इसमें में ही मुख्य किरदार निभा रहा हूँ, लेकिन रोल को रिवर्स किया गया हैं. जब हम गुस्से में होते हैं तो हम अकसर लाइफ में बहुत ही गलत फैसले लेते हैं, और कैसे हम सिर्फ करुनामय होकर अपनी लाइफ को आसानी से बदल सकते हैं. और यही हमने यहाँ दिखाने की कोशिश की हैं. यदि कोई परिवार का सदस्य गलती से कभी किसी को नुक्सान पहुंचा दे, तो हमें भी उनके लिए माफ़ी मांग लेनी चाहिए, और शायद यही जीवन का सार हैं. मुझे बहुत ख़ुशी हैं की मर्सी को इतना अच्छा रेस्पोंस मिल रहा हैं. इससे मुझे बड़ी शांति मिल रही हैं”

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