वायु प्रदूषण से हर साल मरते हैं सात मिलियन लोग

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक दस्तावेज से पता चलता है कि वायु प्रदूषण से हर साल पूरी दुनिया में सात मिलियन लोग मरते हैं।...

वायु प्रदूषण से हर साल मरते हैं सात मिलियन लोग
9 out of 10 people worldwide breathe polluted air. Photo with courtesy WHO

वायु प्रदूषण से हर साल मरते हैं सात मिलियन लोग

नई दिल्ली, 20 अक्तूबर। वायु प्रदूषण, हर किसी को प्रभावित करने वाली एक प्रमुख पर्यावरणीय समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक दस्तावेज से पता चलता है कि वायु प्रदूषण से हर साल पूरी दुनिया में सात मिलियन लोग मरते हैं।

कैसे होता है वायु प्रदूषण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक दस्तावेज के मुताबिक वायु प्रदूषण तब होता है जब पर्यावरण किसी भी रासायनिक, भौतिक या जैविक एजेंट द्वारा प्रदूषित होता है जो वायुमंडल की प्राकृतिक विशेषताओं को संशोधित करता है।

घरेलू सामान जिनसे वायु प्रदूषण फालता है उनमें कैरोसिन स्टोव, तम्बाकू का धुआँ, मोटर वाहन का धुआँ, औद्योगिक सुविधाएं व जगलों की आग शामिल है।  

WHO urban air quality databaseवायु प्रदूषण से बीमारियां

Diseases from Air Pollution

वायु प्रदूषण अस्थमा की उत्तेजना और विशेष रूप से बच्चों में श्वसन संक्रमण में वृद्धि के लिए ज़िम्मेदार है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक दस्तावेज के मुताबिक स्ट्रोक, पुराने श्वसन रोग और कैंसर सहित कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के कारण मस्तिष्क और मृत्यु दर में वृद्धि के लिए भी वायु प्रदूषण को भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

ये तथ्य इंगित करते हैं कि वायु प्रदूषण अब दुनिया का सबसे बड़ा एकल पर्यावरणीय स्वास्थ्य जोखिम है।

WHO Global Ambient Air Quality Database (update 2018)

डब्ल्यूएचओ ग्लोबल परिवेश वायु गुणवत्ता डेटाबेस (अद्यतन 2018) के मुताबिक  दुनिया के सभी देश वायु प्रदूषण से प्रभावित हैं, लेकिन कम आय वाले शहरों की आबादी वायु प्रदूषण से अधिक प्रभावित है।

डब्ल्यूएचओ के नवीनतम वायु गुणवत्ता डेटाबेस के मुताबिक, 100,000 से अधिक निवासियों वाले कम और मध्यम आय वाले देशों के 97% शहर डब्ल्यूएचओ वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों को पूरा नहीं करते हैं। जबकि 49% उच्च आय वाले देशों में भी इन गुणवत्ता मानकों का उपयोग नहीं होता।

दुनिया में 10 में से 9 लोग अत्यधिक प्रदूषण वाली हवा में सांस लेते हैं

9 out of 10 people worldwide breathe polluted air

डब्ल्यूएचओ के नए आंकड़ों से पता चलता है कि दुनिया के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से ऊंचा रहता है और 10 में से 9 लोग प्रदूषण के उच्च स्तर वाली हवा में सांस लेते हैं। अद्यतन अनुमानों में परिवेश (बाहरी) और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण हर साल 7 मिलियन लोगों की मौत होती है।

सबसे गरीब ज्यादा शिकार होते हैं वायु प्रदूषण के

WHO urban air quality database

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अधानोम गेबेरियसस कहते हैं, "वायु प्रदूषण हमें सभी को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन सबसे गरीब और सबसे हाशिए वाले लोग इसके बोझ का शिकार होते हैं।"

वह कहते हैं,

"यह अस्वीकार्य है कि 3 अरब से अधिक लोग - उनमें से अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं- अभी भी अपने घरों में प्रदूषण वाले स्टोव और ईंधन का उपयोग करने से घातक धुआं सांस में ले रहे हैं।"

First Global Conference on Air Pollution and Health

इस वर्ष डब्ल्यूएचओ वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पहला वैश्विक सम्मेलन आगामी 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2018 कोआयोजित करेगा ताकि सरकारों और भागीदारों को वायु गुणवत्ता में सुधार और जलवायु परिवर्तन में सुधार के वैश्विक प्रयासों में एक साथ लाया जा सके।

संयुक्त राष्ट्र के अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) की जलवायु परिवर्तन पर हाल में जारी की गई नवीनतम रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान उम्मीद से अधिक तेज गति से बढ़ रहा है। कार्बन उत्सर्जन में समय रहते कटौती के लिए कदम नहीं उठाए जाते तो इसका विनाशकारी प्रभाव हो सकता है।

पेरिस समझौते की समीक्षा के लिए इस वर्ष दिसंबर में पोलैंड में दुनिया भर के नेता एकत्रित होंगे। ग्लोबल वार्मिंग के लिए वायु प्रदूषण भी एक जिम्मेदार कारक है।

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।