एबीवीपी की खुलेआम गुंडागर्दी जेएनयू की विचार-विमर्श और बहस की लोकतांत्रिक शैक्षिक संस्कृति पर हमला

यह सिर्फ जेएनयू ही नहीं बल्कि समूचे देश की जनतांत्रिक परंपरा के लिये खतरे की घंटी है।...

एबीवीपी की खुलेआम गुंडागर्दी जेएनयू की विचार-विमर्श और बहस की लोकतांत्रिक शैक्षिक संस्कृति पर हमला

नयी दिल्ली, 18 सितंबर, 2018. फासीवादी मंसूबों के खिलाफ अभियान जनहस्तक्षेप ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के चुनावों में करारी शिकस्त के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में उसके गुंडों के हिंसक उपद्रवों पर गहरा क्षोभ जाहिर किया है।

जनहस्तक्षेप के संयोजक ईश मिश्रा व सह संयोजक विकास वाजपेयी ने एक संयुक्त बयान में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई एबीवीपी की यह खुलेआम गुंडागर्दी जेएनयू की विचार-विमर्श और बहस की लोकतांत्रिक शैक्षिक संस्कृति पर हमला है। यह सिर्फ जेएनयू ही नहीं बल्कि समूचे देश की जनतांत्रिक परंपरा के लिये खतरे की घंटी है।

उन्होंने कहा

“नरेन्द्र मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद से ही एबीवीपी के कार्यकर्ता नाजी फौजियों की तरह काम कर रहे हैं। जेएनयू परिसर में हिंसा उनकी आपराधिक गुंडागर्दी की ताजा कड़ी है। जेएनयू शुरुआत से ही आरएसएस की आंखों की किरकिरी रहा है। इस विश्वविद्यालय की बौद्धिक स्वतंत्रता और उन्मुक्त बहस की संस्कृति आरएसएस के रूढ़िवादी और दक्षिणपंथी सिद्धांतों के विकास के लिये अनुकूल माहौल मुहैया नहीं कराती।“

जनहस्तक्षेप के बयान में कहा गया है

“एबीवीपी के नेताओं की अगुवाई में लोहे की छड़ों और लाठियों से लैस बदमाशों ने 14 और 15 सितंबर, 2018 की रात मतगणना केन्द्र में जबरन घुस कर मतपेटियों को छीनने की कोशिश की तथा कुछ चुनाव आयुक्तों पर हमला भी किया। मतगणना में बाधा डालने के बाद भी वे सुबह तक मारपीट और तोड़फोड़ में लगे रहे। इन बदमाशों ने एक छात्र को बचाने की कोशिश कर रहे जेएनयूएसयू के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एन साई बालाजी पर भी हमला किया और उन्हें जान से मार डालने की धमकी दी।“

बयान में कहा गया है

“जनहस्तक्षेप सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की मदद से की जा रही इस गुंडागर्दी की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता है। हम अत्यंत उत्तेजना के माहौल में अपना संयम बरकरार रखने के लिये जेएनयू के छात्रों की सराहना करते हुए उनके प्रति एकजुटता जाहिर करते हैं।“

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