मोदी की हत्या की साजिश रचने में विचारक व कवि वरवर राव गिरफ्तार, देश भर में लेखकों एक्टिविस्टों के घर छापे

महाराष्ट्र पुलिस ने आज माओवादी विचारक वरवर राव को कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हैदराबाद से किया है।

हस्तक्षेप डेस्क
Updated on : 2018-08-28 17:49:17

विचारक व कवि वरवर राव गिरफ्तार, देश भर में लेखकों एक्टिविस्टों के घर छापे

नई दिल्ली, 28 अगस्त। महाराष्ट्र पुलिस ने आज माओवादी विचारक वरवर राव को कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हैदराबाद से किया है। वरवर राव के परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी।

देशबन्धु ने एजेंसी के हवाले से खबर दी है कि पुणे पुलिस की एक टीम ने उनके व परिवार के सदस्यों व दोस्तों के घरों की तलाशी के बाद क्रांतिक्रारी लेखक, कवि वरवर राव को गिरफ्तार किया।

वरवर राव को चिकित्सा जांच के लिए सरकारी गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें पुणे भेजे जाने से पहले अदालत के समक्ष पेश किए जाने की संभावना है।

पुणे पुलिस ने जून में कथित तौर पर पांच लोगों में एक व्यक्ति के घर से मोदी की हत्या की साजिश के उल्लेख वाला एक पत्र बरामद करने का दावा किया था। इन पांचों लोगों को भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

बरामद पत्र में कथित तौर पर प्रधानमंत्री की हत्या पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तर्ज पर करने की बात कही गई है। इस पत्र को लिखने वाले व्यक्ति की पहचान सिर्फ 'आर' के रूप में की गई है।

इसमें साजिश को अंजाम देने के लिए एक एम-4 राइफल व चार लाख चक्र कारतूस खरीदने के लिए आठ करोड़ रुपये की जरूरत का जिक्र किया गया है। कहा जा रहा है कि इस पत्र में वरवर राव का नाम शामिल है।

कौन हैं वरवर राव

वरवर राव क्रांतिकारी लेखकों के एक संगठन 'वीरसम' के अध्यक्ष हैं। 3 नवंबर 1940 को जन्मे वरवरा राव एक कम्युनिस्ट, कार्यकर्ता, नक्सली सहानुभूतिकार, प्रसिद्ध कवि, पत्रकार, साहित्यिक आलोचक और तेलंगाना, भारत के सार्वजनिक वक्ता हैं। वह 19 57 से कविता लिख रहे हैं। उन्हें तेलुगू साहित्य में सर्वश्रेष्ठ मार्क्सवादी आलोचकों में से एक माना जाता है

राव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार सभी पांच लोग वंचितों की भलाई के लिए काम रहे थे।

देश भर में छापे

उधर खबर है कि महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार सुबह देश के पाँच शहरों में कम से कम 10 बुद्धिजीवियों के घर पर छापा मारा। पुलिस के अनुसार इन सभी पर जनवरी 2018 में हुई भीमा कोरेगाँव हिंसा को उकसाने का आरोप है।

खबर के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस ने नवलखा के अलावा अरुण परेरिया, वरनन गोनसॉल्विस, वरवर राव और सुधा भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।

पुणे पुलिस के पास गौतम नवलखा को 30 अगस्त तक ट्रांजिट रिमाण्ड पर रखने का आदेश था जिसके खिलाफ नवलखा ने मंगलवार को हाई कोर्ट ने अपील की थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमाण्ड पर बुधवार (29 अगस्त) तक के लिए रोक लगा दी है। हाई कोर्ट बुधवार को नवलखा की याचिका पर सुनवाई करेगा। नवलखा को बुधवार तक उनके घर में नजरबंद रखा जाएगा।

महाराष्ट्र पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से दिल्ली में गौतम नवलखा, गोवा में प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे, रांची में मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी, मुंबई में सामाजिक कार्यकर्ता अरुण परेरा, सुजैन अब्राहम, वर्नन गोनसाल्विस, हैदराबाद में माओवाद समर्थक कवि वरवर राव, वरवर राव की बेटी अनला, पत्रकार कुरमानथ और फरीदाबाद में सुधा भारद्वाज के घर पर छापा मारा।

#भीमाकोरेगांव हिंसा मामले के संबंध में देश भर में छापे और गिरफ्तारी पर सीपीआई (एम) नेता प्रकाश करात ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। हम मांग कर रहे हैं कि इन लोगों के खिलाफ सभी मामलों को वापस ले लिया जाए और उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए।

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