काम कर गया अमित शाह का अस्त्र, अब मायावती छत्तीसगढ़ चुनाव में देंगी जोगी का साथ, तो मप्र में नहीं करेंगी कांग्रेस से गठबंधन

लगता है भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का अस्त्र बसपा सुप्रीमो मायावती पर काम कर गया है। ...

काम कर गया अमित शाह का अस्त्र, अब मायावती छत्तीसगढ़ चुनाव में देंगी जोगी का साथ, तो मप्र में नहीं करेंगी कांग्रेस से गठबंधन

लखनऊ, 20 सितंबर। लगता है भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का अस्त्र बसपा सुप्रीमो मायावती पर काम कर गया है। बहनजी जहां छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से गठबंधन न करके अजित जोगी की जनता कांग्रेस से गठबंधन करेंगी वहीं मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेंगी।  

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज यहां कहा कि छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की पार्टी 'जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी)' के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। बसपा गठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार अजित जोगी का समर्थन करेगी।

मायावती ने लखनऊ में अजित जोगी के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बसपा ने फैसला लिया है कि छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में वह 'जकांछ (जोगी)' के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 35 विधानसभा सीटों पर बसपा और 56 सीटों पर जोगी की पार्टी चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मीडिया में तरह-तरह की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन वह जो बता रही हैं यही सच है, बाकी अफवाह है।

बसपा प्रमुख ने कहा,

"हमारा साफतौर पर मानना है कि बसपा उसी पार्टी के साथ समझौता करेगी जो दलित, पिछड़े एवं आदिवासी लोगों के लिए काम करती हो ओर उनके कल्याण में जुटी हुई हो। हम यह भी देखेंगे कि उस पार्टी की सोच दलितों को लेकर कैसी है।"

मायावती ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षो से भाजपा की सरकार है, लेकिन वहां गरीबों, आदिवासियों और पिछड़ों के हितों के लिए कुछ काम नहीं हुआ है। भाजपा सिर्फ मीडिया में ही बड़ी-बड़ी बातें करती नजर आती है।

बसपा प्रमुख ने कहा,

"छत्तीसगढ़ में हम अजित जोगी के साथ इसीलिए गठबंधन कर रहे हैं, क्योंकि वे वहां के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और उन्हें सरकार चलाने का भी अनुभव है। उनके कार्यों को देखते हुए पार्टी ने उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।"

ज़रा हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।