बलात्कारियों की गिरफ्तारी की मांग, योगी राज में गैंग रेप-हत्या के खिलाफ ऐपवा 13 जुलाई को लखनऊ में करेगी विरोध प्रदर्शन

मोदी-योगी की सरकार में महिलाओं और बच्चियों के साथ गैंग रेप और हत्या की घटनाएं दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रही हैं।...

बलात्कारियों की गिरफ्तारी की मांग, योगी राज में गैंग रेप-हत्या के खिलाफ ऐपवा 13 जुलाई को लखनऊ में करेगी विरोध प्रदर्शन

ऐपवा व भाकपा (माले) के संयुक्त जाँच दल ने रायबरेली जिले में लालगंज के गांव का दौरा किया।

* बच्ची के बलात्कारियों की गिरफ्तारी के लिए और योगी राज में गैंग रेप -हत्या की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ ऐपवा 13 जुलाई को लखनऊ में करेगी विरोध प्रदर्शन।

लखनऊ, 12 जुलाई। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी, भाकपा(माले) के राज्य स्थायी समिति के सदस्य रमेश सिंह सेंगर, अफ़रोज़ आलम व इन्साफ मंच (रायबरेली) के संयुक्त चार सदस्यीय जाँच दल ने सोमवार को रायबरेली जिले में लालगंज के उत्तरगौड़ी गाँव का दौरा किया, जहाँ 6 जुलाई को 11 साल की बच्ची के साथ बलात्कार व हत्या की घटना हुई थी।

यह जानकारी ऐपवा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी ने रायबरेली से लौट कर मंगलवार को यहां संगठन के राज्य कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि जाँच दल ने पीड़िता (मृतक) के परिवार और मौके पर मौजूद रिश्तेदारों व् ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की। जाँच दल ने जहाँ बच्ची को लाश मिली थी उसका स्थलीय निरीक्षण भी किया। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अभियुक्तों की शिनाख्त और गिरफ्तारी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। इससे यह बात साफ़ निकल कर आई की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ था और बलात्कारियों ने अपने बचाव के लिए निर्मम हत्या कर दी। पुलिस हवा में हाथ पैर मार रही है। 3 दिन बीतने के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नही हुई है।

जाँच दल ने यह भी पाया कि जिला प्रशासन ने इस जघन्य हत्या कांड पर पर्दा डालने और जनाक्रोश को दबाने के लिये पीड़ित परिवार के घर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।

ऐपवा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोदी-योगी की सरकार में महिलाओं और बच्चियों के साथ गैंग रेप और हत्या की घटनाएं दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रही हैं। मध्य प्रदेश के मंदसौर और सतना से लेकर यूपी के बाराबंकी मे बलात्कार के बाद हत्या, आज़मगढ़, बनारस, बाँदा, लखनऊ में बच्चियों के साथ बलात्कार के बाद हत्या और उन्नाव में महिला के साथ सामूहिक बलात्कार महज़ कुछ उदाहरण हैं। उन्होंने उन्नाव का सन्दर्भ देते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के विधायक- मंत्री खुद बलात्कार जैसी घटनाओं में संलिप्त हों और सरकार ऐसे लोगों को संरक्षण देने लगे तब भाजपा के रहते बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित हो गयी हैं।

ऐपवा नेता ने कहा कि रायबरेली की घटना में बलात्कारियों की गिरफ्तारी , बाराबंकी समेत अन्य जिलों में हुई इस तरह की घटनाओं में न्याय की मांग के लिये और योगी- मोदी राज में महिलाओं पर बढ़ते हमले के खिलाफ ऐपवा 13 जुलाई को लखनऊ में प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय में दमनकारी घटनाओं पर क्षोभ व्यक्त करते हुए पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा समेत छात्र -छात्राओं के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। प्रेस वार्ता में लखनऊ की ऐपवा संयोजक  मीना सिंह भी मौजूद रहीं।

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