आलोक अग्रवाल ने कैंसर फैलाने वाले जूते-चप्पलों के मामले में लिखा मुख्य सचिव को पत्र, सीएम को गिरफ्तार करने का आवेदन

अधिकांशत: आदिवासियों के खेतों और जंगलों में काम करने के कारण पांव कटे फटे होते हैं जिस वजह से इन चप्पलों के कारण उनको कैंसर होने का खतरा और भी ज्यादा है।

हस्तक्षेप डेस्क
Updated on : 2018-08-31 11:48:39

आप के प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कैंसर फैलाने वाले जूते-चप्पलों के मामले में लिखा मुख्य सचिव को पत्र, सीएम को गिरफ्तार करने का आवेदन

जूते-चप्पल वापस लेने, प्रभावितों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

28 अगस्त को मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है आप, थाने में दिया था सीएम को गिरफ्तार करने का आवेदन

भोपाल, 31 अगस्त। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने आदिवासियों को कैंसर कारक रसायनों से युक्त जूते-चप्पलों का वितरण करने के मामले में जूते-चप्पल वापस लेेने, प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इस संबंध में सबूत के तौर पर आम आदमी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी वीडियो और अखबारों में प्रकाशित खबरें भी मुख्य सचिव को भेजी गई हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपनी निशुल्क चरण पादुका योजना के तहत बीते कुछ महीनों में 18 लाख आदिवासियों को निशुल्क जूते-चप्पल बांटे हैं। इस मामले में 28 अगस्त को आम आदमी पार्टी ने एमपी नगर थाने के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रभारी को आवेदन दिया था। मामले में कोई कार्रवाई न होने के कारण आम आदमी पार्टी ने मुख्य सचिव को इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा है।

मुख्य सचिव को लिखे पत्र में आप के प्रदेश अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपनी निशुल्क चरण पादुका योजना के तहत गत कुछ माह में अठारह लाख आदिवासियों को निशुल्क जूते-चप्पल बांटे हैं। इस सन्दर्भ में शिवराज चौहान जी द्वारा जारी वीडियो की सीडी मुख्य सचिव को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार सीएसआईआर की चेन्नई स्थित केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान (सीएलआरआई) द्वारा इन जूते-चप्पलों की जांच पता चला है कि इन जूते-चप्पलों में स्किन कैंसर पैदा करने वाला खतरनाक रसायन एजेडओ मिला हुआ है। उसमें कैंसर पैदा करने वाला हानिकारक रसायन पाया गया है, जिसकी प्रेस कटिंग भी भेजी गई है। रिपोर्ट का अंश भी संलग्न के रूप में दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के एक समाचार पत्र में छपे समाचार से स्पष्ट है कि इन चप्पलों के पहनने के दुष्परिणाम सामने आने लगे है। इस समाचार की प्रेस कटिंग भी संलग्नक के रूप में दी गई है। इस प्रकार लाखों आदिवासियों का जीवन संकट में है।

गौरतलब है कि यह जूते-चप्पल मई-जून में बाटें गये और इसकी जांच बांटने के बाद जून अंत में प्राप्त हुई है। अधिकांशत: आदिवासियों के खेतों और जंगलों में काम करने के कारण पांव कटे फटे होते हैं जिस वजह से इन चप्पलों के कारण उनको कैंसर होने का खतरा और भी ज्यादा है।

इस मामले में आम आदमी पार्टी ने तीन मुख्य मांगें की हैं-

1. चरण पादुका योजना के तहत बांटे गए सभी जूते—चप्पल वापस लिए जाएं।

2. इस योजना के तहत जिन आदिवासी भाई—बहनों को जूते—चप्पल का वितरण किया गया है, उनके स्वास्थ्य जांच की विस्तृत जांच की जाये ताकि उन्हें कैंसर के किसी भी प्रभाव से बचाया जा सके।

3. कैंसर पैदा करने वाले रसायन युक्त जूते - चप्पल बांटने के दोषियों के खिलाफ कड़ी क़ानूनी करवाई की जाए।

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