तुतिकोरिन में 'वेदांता' की सरपरस्ती में आतंक राज, पुलिस गोलीबारी में 11 की मौत, 17 घायल, इमरजेंसी जैसी हालत

तुतिकोरिन में 'वेदांता' की सरपरस्ती में आतंक राज, पुलिस गोलीबारी में 11 की मौत, 17 घायल, इमरजेंसी जैसी हालत......

AISF राज्य सचिव सहित अनेक वाम कार्यकर्ता गिरफ्तार...

तमिलनाडु में पुलिस गोलीबारी में 11 की मौत, 17 घायल

नई दिल्ली 22 मई। तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में वेदांता स्टरलाइट तांबा संयंत्र के खिलाफ पिछले सौ दिन से चला आ रहे प्रदर्शन को कुचलने के लिए पुलिस की गोलीबारी में 11 लोगों की मौत होने और 17 अन्य के घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबित राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के प्रति सम्वेदना व्यक्त की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश देते हुए मृतकों के आश्रितों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को तीन लाख और मामूली रूप से घायलों को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की जायेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रतिबंध के आदेश को धत्ता देते हुए आज सुबह महिला मोर्चा समेत 20 हजार प्रदर्शनकारी विभिन्न मोर्चों से जिलाधिकारी परिसर की ओर बढ़े। पुलिसकर्मियों ने थूथुकुडी-तिरुनेलवेली राष्ट्रीय राजमार्ग के वीवीडी जंक्शन में प्रदशनकारियों को रोका। इस बीच प्रदर्शनकारी पुलिस की घेराबंदी को तोड़ते हुए जिलाधिकारी कार्यालय परिसर की ओर बढ़ गए, जहां प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये  और दुपहिया समेत कई वाहनों में आग लगा दी।

वाम नेता प्रदीप भट्टाचार्य ने फेसबुक पर लिखा,

“तुतिकोरोन में 'वेदांता' की सरपरस्ती में आतंक राज, इमरजेंसी जैसी हालत...

AISF राज्य सचिव सहित अनेक वाम कार्यकर्ता गिरफ्तार...”

गाँधीवादी कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने फेसबुक पर लिखा,

“आज पुलिस ने तामिलनाडु में पन्द्ररह नागरिकों की गोली मार कर हत्या कर दी

यह नागरिक स्टरलाईट कम्पनी द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का विरोध कर रहे थे

जिस कम्पनी के लिए सरकार अपने नागरिकों की हत्या कर सकती है

उस कम्पनी के बारे में आपको ज़रूर जानना चाहिए

क्योंकि आप जब इस कम्पनी के बारे में जानेंगे

तो आपको देश के विकास के नाम पर किये जाने वाले अपराधों लूट और गुंडागर्दी के बारे में सच जानने को मिलेगा

स्टरलाईट कम्पनी का मालिक अनिल अग्रवाल है

इसकी मूल कम्पनी वेदांता है

अनिल अग्रवाल ब्रिटिश नागरिक है

अनिल अग्रवाल कलकत्ता में रेलवे का चोरी का लोहा खरीदता था

चोरी का पैसा इकट्ठा होने के बाद वह रिश्वत और जालसाज़ी के दम पर आगे बढ़ता गया

इसकी ताकत इस बात से पता चलती है कि कांग्रेसी वित्त मंत्री चिदम्बरम इस का वकील था

खुद को सुरक्षित रखने के लिए अनिल अग्रवाल इंग्लैण्ड भाग गया

बाद में इसने वेदांता कम्पनी बनाई

कांग्रेस के समय में इस कम्पनी को राजस्थान के ताम्बे की खदानें और कम्पनियां सौंप दी गई

छत्तीसगढ़ में इस कम्पनी को एल्युमिनियुम कम्पनी कौड़ियों के मोल बेच दी गई

जिस सरकारी कम्पनी के बैंक में पांच सौ करोड़ रुपया जमा था उस कम्पनी को वेदांता को पांच सौ करोड़ में बेचा गया

एक बार इस कम्पनी की बड़ी चिमनी गिर गई जिसके नीचे सैंकड़ों मजदूर दब गये

छत्तीसगढ़ का भाजपा का गृह मंत्री बृज मोहन अग्रवाल ने आकर खुद हाजरी रजिस्टर फाड़ डाला था

ताकि पता ना चल सके कि आज काम पर कौन कौन से मजदूर हाज़िर थे

और मुआवजा ना देना पड़े

इसके बाद मजदूरों को निकाले बगैर बुलडोज़र लगा कर वहीं दबा दिया गया था

इस वेदान्ता कम्पनी के लिए उड़ीसा के नियमगिरि पहाड़ पर रहने वाले आदिवासियों को पुलिस ने बहुत सताया

आखिर में कोर्ट ने बीच में आकर अनिल अग्रवाल की इस वेदांता कम्पनी को वहाँ से भगाया था

एक बार इस बदनाम कम्पनी ने अपने लिए पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए जाने वाला गोल्डन पीकाक अवार्ड हथिया लिया था

यह अवार्ड पालमपुर हिमाचल में दिया जाना था

लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह कार्यक्रम भंग कर दिया था

यह कम्पनी लूट रिश्वत बेईमानी पर्यावरण को नष्ट करने के लिए बदनाम है

सरकारें इस कम्पनी को बचाने के लिए अपने नागरिकों पर वैसे ही गोलियां नहीं चलातीं

बदले में नेता और पुलिस अधिकारी इस कम्पनी से बड़ी रिश्वतें लेते हैं

आप जिस विकास के झांसे में आकर इन पूंजीपतियों का समर्थन देते हैं

और अपने नेताओं की बातों में आकर मूर्ख बनते हैं

वह भ्रष्टाचार लूट और शुद्ध गुंडागर्दी है

इस गुंडागर्दी में पुलिस, लुटेरे पूंजीपति के स्वार्थों की हिफाज़त करने के लिए सबसे आगे रहकर जनता पर हमला करती है”

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