कहीं आप भी खुद के डॉक्टर बनकर एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध को दावत तो नहीं दे रहे ?

Antimicrobial resistance AMR

कहीं आप भी खुद के डॉक्टर बनकर एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध को दावत तो नहीं दे रहे ?

अकसर सर्दी खाँसी जुकाम होने पर हम डॉक्टर से दवा न लेकर या तो खुद डॉक्टर बन जाते हैं या किसी मेडिकल स्टोर पर जाकर सर्दी खाँसी जुकाम की दवा ले लेते हैं। लेकिन अगर ये आपकी आदत बन गई है तो आप बड़ी मुसीबत को दावत दे सकते हैं। अक्सर मेडिकल स्टोर से आपको एंटीबायोटिक्स पकड़ा दी जाती हैं, जिनका बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल घातक हो सकता है और यह आपके शरीर को एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी भी बना सकता है। ऐसी स्थिति से एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध हो सकता है।

एंटीबायोटिक का पहला नियम यह है कि इनका उपयोग जीवाणु संक्रमण से लड़ने के लिए किया जाता है, एंटी बायोटिक्स वायरस पर प्रभाव नहीं डालते।

एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध Antimicrobial resistance AMR, बैक्टीरिया, परजीवी, वायरस और कवक के कारण संक्रमण की लगातार बढ़ती रेंज की प्रभावी रोकथाम और उपचार को बाधित करता है। एएमआर वैश्विक स्तर पर खासकर विकासशील देशों में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है।

प्रतिरोधी संक्रमण (resistant infections) वाले मरीजों के इलाज पर आने वाला खर्च उन मरीजों के इलाज से बहुत अधिक है जिन्हें गैर-प्रतिरोधी संक्रमण (non-resistant infections) है। इसका मुख्य कारण है प्रतिरोधी संक्रमण वाले मरीजों के लिए बीमारी की लंबी अवधि, अतिरिक्त परीक्षण और अधिक महंगी दवाओं का उपयोग।

एएमआर एक ऐसी बहुक्षेत्रीय समस्या है जो मानव और पशु के स्वास्थ्य, कृषि और साथ ही साथ वैश्विक पर्यावरण व ट्रेड को प्रभावित करती है। स्वच्छ पानी, टिकाऊ और अच्छा उत्पादन व गरीबी उन्मूलन कुछ चुनौतियां हैं।

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर उपलब्ध एक अन्य लेख के मुताबिक वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरणों के लिए एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। हालांकि, भारत जैसे विकासशील देशों में, अस्पताल और कुछ समुदाय आधारित हालिया आंकड़ों में एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध के बोझ में वृद्धि देखी गई है।

भारत में संक्रामक बीमारियों का बोझ दुनिया में सबसे ज्यादा है। हालिया कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन बीमारियों में एंटीमाइक्रोबायल एजेंटों के अनुचित और तर्कहीन उपयोग से एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध के विकास में वृद्धि हुई है।

एएमआर से बीमारियों की उचित रोकथाम में रुकावट पैदा होगी तथा इससे स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं (health care services) में बाधा पड़ेगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एंटीबायोटिक प्रतिरोध antibiotic resistance, पैदा होने पर आप लाइलाज संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं, जो किसी भी देश में किसी भी उम्र के किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।

(नोट – यह समाचार चिकित्सकीय परामर्श नहीं हैयह आम जनता में जागरूकता के उद्देश्य से किए गए अध्ययन का सार है। आप इसके आधार पर कोई निर्णय नहीं ले सकतेचिकित्सक से परामर्श करें। )

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