अनुपम खेर ने भी फटे में टाँग अड़ाई, अरनब गोस्वामी के समर्थन में कूदे

फटे में टाँग अड़ाने की अपनी आदत से मजबूर मोदीभक्ति के लिए प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रिपब्लिक टीवी के अरनब गोस्वामी और इंडिया टुडे के राजदीप सरदेसाई के बीच जंग में कूद पड़े हैं।...

हाइलाइट्स

फटे में टाँग अड़ाने की अपनी आदत से मजबूर मोदीभक्ति के लिए प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रिपब्लिक टीवी के अरनब गोस्वामी और इंडिया टुडे के राजदीप सरदेसाई के बीच जंग में कूद पड़े हैं।

ट्विटर पर जारी तूतू-मैंमैं में कूदते हुए अनुपम खेर ने राजदीप सरदेसाई के एक ट्वीट पर पलटवार करते हुए लिखा,

“देश जानना चाहता है कि आपकी जब अनगिनत रिपोर्टें गलत साबित हुईं तो आपने कितनी बार इस्तीफा देकर पत्रकारिता छोड़ी थी?”

इंडिया टुडे समूह से जुड़े राजदीप सरेदसाई ने रिपब्लिक टीवी के एंकर व संपादक अरनब गोस्वामी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था,

“अब मैं सीधा सवाल पूछना चाहता हूं, देश जानना चाहता है कि अगर उनकी स्टोरी गलत साबित हुई तो क्या अरनब पत्रकारिता छोड़कर इस्तीफा देंगे?”

अपने ट्वीट पर आए अनुपम के कमेंट का जवाब देते हुए राजदीप ने लिखा,

“बहुत सही कहा सर। मैं खुद को सबसे पवित्र नहीं समझता। लेकिन हममें से कुछ लोग गलती करने पर माफी मांगते हैं, बेशर्मी नहीं दिखाते। बस इतना ही।”

बता दें “देश जानना चाहता है” (नेशंस वांट्स टू नो) अरनब गोस्वामी का तकिया कलाम है जो टाइम्स नाउ में रहने के दौरान से प्रचलित रहा है और अब जब अरनब गोस्वामी सोशल मीडिया पर ट्रोल होते हैं तो उन पर “नेशंस वांट्स टू नो” का फिकरा ही कसा जाता है।

अर्णब गोस्वामी को राजदीप सरदेसाई ने बताया फेंकू, कहा- अपने काम पर शर्म आती है

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राजदीप सरेदसाई ने अरनब गोस्वामी का एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया जिसमें अरनब गुजरात दंगों के दौरान उनकी गाड़ी पर मुख्यमंत्री आवास के पास हमला किए जाने की बात कहते नजर आ रहे थे।  इस वीडियो को Kamal Rajbangshi के एकाउंट से यू ट्यूब पर 5 Aug 2016 को अपलोड किया गया था, पर इस विवाद के बीच यह वीडियो यूट्यूब से अब गायब है।

राजदीप ने अरनब का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था,

“वाह, मेरे दोस्त अर्णब दावा कर रहे हैं कि गुजरात दंगों के दौरान मुख्यमंत्री निवास के पास उनकी गाड़ी पर हमला हुआ था, सच यह है कि वह अहमदाबाद में हुए दंगों को कवर कर ही नहीं रहे थे।”

वीडियो शेयर करते हुए राजदीप ने दावा किया था कि अरनब ने गुजरात दंगों के दौरान रिपोर्टिंग नहीं की थी।

बता दें कि साल 2002 में जब गुजरात जनसंहार हुआ तब अरनब गोस्वामी और राजदीप सरदेसाई एक ही चैनल में एक साथ काम किया करते थे। उस समय राजदीप अरनब के बॉस हुआ करते थे।

राजदीप के समर्थन में अन्य पत्रकारों ने भी ट्विटर पर लिखा कि अरनब गुजरात दंगों की रिपोर्टिंग नहीं की थी। पत्रकार राहुल कंवल ने भी लिखा कि अरनब गोस्वामी ने गुजरात दंगों की रिपोर्टिंग नहीं की थी।

जब राजदीप ने अनुपमखेर के ट्वीट का उत्तर दिया तो शायद उन्हें खयाल आयाकि वो गलतजगह फटेमें टाँग अड़ा बैठे हैं। अनुपम ने राजदीप से कहा –

“मैं आश्वस्त  हूँ कि अर्नब अपनी लड़ाई स्वयं लड़ सकते हैं। पर आप लोगों ने इतने साल साथ काम किया है। टूटे हुए रिश्तों की भी एक मर्यादा होती है।“




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