इंस्टेंट ट्रिपल तलाक पर अध्यादेश को ओवैसी ने बताया मुस्लिम महिलाओं और संविधान के खिलाफ

उन 24 लाख विवाहित महिलाओं के लिए एक सख्त कानून की आवश्यकता है, जिनके पति चुनाव आयोग को दिए शपथपत्र में कहते हैं कि वे विवाहित हैं, परन्तु उनकी पत्नी साथ नहीं रहती...

Asaduddin Owaisi on Cabinet approving an ordinance on #TripleTalaq

इंस्टेंट ट्रिपल तलाक पर अध्यादेश को ओवैसी ने बताया मुस्लिम महिलाओं और संविधान के खिलाफ

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इंस्टेंट ट्रिपल तलाक के खिलाफ लाए गए अध्यादेश को मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ बताते हुए संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ बताया है।

श्री ओवैसी ने कहा है कि

 "यह अध्यादेश मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। इस अध्यादेश से मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ नहीं मिलेगा। इस्लाम में शादी एक सामाजिक अनुबंध है, और उसमें सज़ा के प्रावधान को जोड़ना गलत है। "

उन्होंने कहा कि

"यह अध्यादेश असंवैधानिक है। यह अध्यादेश संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है, क्योंकि यह सिर्फ मुसलमानों के लिए बनाया गया है। "

एआईएमएआएम नेता ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तथा महिला संगठनों को इस अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए।

ओवैसी ने अप्रत्यक्ष रूप से पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं उन 24 लाख विवाहित महिलाओं के लिए एक सख्त कानून की आवश्यकता है, जिनके पति चुनाव आयोग को दिए शपथपत्र में कहते हैं कि वे विवाहित हैं, परन्तु उनकी पत्नी साथ नहीं रहती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसी विवाहित महिलाओं के लिए कानून लाना चाहिए।

ज़रा हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।