भाकियू की जंतर-मंतर पर महापंचायत - किसान करेंगे सड़क पर योग

16 जून को जहां देशभर के किसान संगठन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को घेरने वाले हैं, वहीं योग दिवस के अवसर पर 21 जून को किसान सड़कों पर योग करेंगे। ...

भारत शर्मा

नई दिल्ली। लाभकारी मूल्य और कर्ज माफी को लेकर शुरु हुआ किसान आंदोलन अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है, कल 16 जून को जहां देशभर के किसान संगठन सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को घेरने वाले हैं, वहीं आज भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत में घोषणा की गई, अब योग दिवस के अवसर पर 21 जून को किसान सड़कों पर योग करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस चरणबद्ध तरीके के चल रहे आंदोलन में समय-समय पर अगले चरण की घोषणा होती रहेगी। कल सुबह 10 बजे से गांधी शांति प्रतिष्ठान पर किसान संगठनों की एक बैठक और होने जा रही है।

असल में देशभर में चल रहे किसान आंदोलन को एक साथ लाने की कोशिश राजधानी में लगातार चल रही है, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के मुद्दे पर बना भूमि अधिकार आंदोलन किसान संगठनों और जन संगठनों का एक समूह है, वहीं इस आंदोलन के बाद कई अलग-अलग संगठन एक साथ आने की कोशिश कर रहे हैं। किसान महासंघ हो या अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति, सभी इसी कोशिश का परिणाम है। तमाम संगठन इन तीनों समूहों में शामिल हैं, वहीं भारतीय किसान यूनियन अभी किसी समूह में तो शामिल नहीं है, पर किसानों के हर आंदोलन को उसका सैद्धांतिक समर्थन है।

किसान महासंघ और भूमि अधिकार आंदोलन के संयुक्त आव्हान पर कल 16 जून को देशभर में दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम किया जाएगा, इसी दिन किसान समन्वय समिति की तरफ से गांधी शांति प्रतिष्ठान में एक बैठक होने वाली है, इस समिति के गठन के तमिलनाडु के किसान नेता अय्याकन्नू की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिनके नेतृत्व में जंतर मंतर पर कई दिनों तक आंदोलन चला था।

भारतीय किसान यूनियन की आज की महापंचायत किसान आंदोलन की ही अलग कड़ी थी, जिसमें भाकपा नेता अतुल कुमार अंजान, डा. सुनीलम, योगेन्द्र यादव और स्वामी अग्निवेश जैसे नेता उपस्थित थे।

भाकियू की कल से 3 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है।

21 जून को सड़क पर होने वाले योग की घोषणा करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने आम जनता से अपील की, कि इस दिन वे सड़कों पर न निकलें, उन्होंने यह भी कहा, कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी, तो आंदोलन और उग्र होगा।

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