मोदी की रैली के लिए बस ऑपरेटरों का बस देने से इनकार, कहा पहले बकाया तीन करोड़ दो

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पूर्व में भी भाजपा और सरकार के कार्यक्रम हुए, जिनमें बस संचालकों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। लिहाजा, बस ऑपरेटर अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि पुराना भुगतान किया जाए, ...

मोदी की रैली के लिए बस ऑपरेटरों का बस देने से इनकार, कहा पहले बकाया तीन करोड़ दो

भोपाल, 25 सितंबर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ के लिए राज्यभर से कार्यकर्ता लाने का जिम्मा प्रदेश इकाई को सौंपा गया है, मगर बस ऑपरेटरों ने पुराना बकाया का भुगतान न होने के कारण बसें देने से इनकार कर दिया है। वहीं राज्य के परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि बस संचालकों से बातचीत हो गई है।

बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधि ने कल संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बताया कि पूर्व में आयोजित भाजपा की रैलियों में राज्यभर से बसों में भरकर कार्यकर्ता लाए गए। उसका बकाया लगभग तीन करोड़ 17 लाख रुपये है, मगर उसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है। बस ऑपरेटरों ने पहले बकाया के भुगतान की मांग की है।

पुराना भुगतान किया जाए : बस ऑपरेटर अड़े

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पूर्व में भी भाजपा और सरकार के कार्यक्रम हुए, जिनमें बस संचालकों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। लिहाजा, बस ऑपरेटर अपनी इस मांग पर अड़े हैं कि पुराना भुगतान किया जाए, उसके बाद ही वे बसों को भोपाल भेजेंगे।

राज्य के परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि बस ऑपरेटरों से बातचीत हो गई है। समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।

भाजपा आज मंगलवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक आयोजन होने का दावा कर रही है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर बसें नहीं मिलीं तो 10 लाख कार्यकर्ता भोपाल कैसे पहुंचेंगे।

ज़रा हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

हस्तक्षेप से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें
facebook फेसबुक पर फॉलो करे.
और
facebook ट्विटर पर फॉलो करे.
"हस्तक्षेप"पाठकों-मित्रों के सहयोग से संचालित होता है। छोटी सी राशि से हस्तक्षेप के संचालन में योगदान दें।