14 राजनैतिक दल आए एक साथ किया सरकार प्रायोजित हिंसा का विरोध

पहलू खान की हत्या की बरसी दिल्ली में होगा जलसा, असम और उत्तर पूर्व में हो रहे सरकारिया दमन एवं बढ़ते संघवाद को मिलेगा ज़ोरदार प्रतिरोध ...

गौ-रक्षकों द्वारा मारे गए लोगों के परिवारों को कानूनी सहायता देगा आन्दोलन

भूमि अधिकार आन्दोलन के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

पहलू खान की हत्या की बरसी दिल्ली में होगा जलसा,

असम और उत्तर पूर्व में हो रहे सरकारिया दमन एवं बढ़ते संघवाद को मिलेगा ज़ोरदार प्रतिरोध 

नई दिल्ली, 22 मार्च / 300 से अधिक जन संगठनों, आन्दोलनों व किसान सभाओं के राष्ट्रीय मोर्चे के रूप में देश भर में भूमि-अधिकार के लिए सक्रिय भूमि अधिकार आन्दोलन का कृषि संकट, पशु अर्थव्यवस्था व भीड़ की नफरती हिंसा के खिलाफ हुए राष्ट्रीय समावेश का कल समापन हुआ. यह समावेश राजधानी के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, रफी मार्ग में 20-21 मार्च को आयोजित हुआ.

दूसरे दिन इस मुद्दे पर सामाजिक आन्दोलनों, किसान आन्दोलनों और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने  गहन चर्चा की और इस मुद्दे पर सघन संघर्ष करने व किसानों के हक-हुकूकों व साम्प्रदायिक हिंसा के पर साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया. उल्लेखनीय है कि इस आन्दोलन को देश के 16 प्रमुख राजनैतिक दलों ने अपना समर्थन दिया और अपनी पार्टी के संकल्प पत्रों में प्रमुखता से जगह देने की प्रतिबद्धतता की.

जन आन्दोलनों के राष्ट्रीय समन्वय की नेत्री मेधा पाटकर ने कहा कि ज़बरन गाय को माता बताकर उसे किसानों पर थोपना और समुदाय विशेष के किसानों पर संदेह करके उन्हें भीड़ द्वारा मारा जाना इस देश के किसानों पर बहुत बड़ा हमला है. किसान की असली माता उसकी ज़मीन है जिसे कार्पोरेट्स को देने के लिए यह सरकार किसी भी हद तक अत्याचार कर रही है. झारखंड की घटना को छोड़  दें तो बाकी घटनाओं में हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं. भूमि अधिकार आन्दोलन इन अपराधियों और इन्हें संरक्षण दे रही सरकारों के खिलाफ न केवल सड़क पर बल्कि अदालत में भी लड़ेगा.

दलित चिन्तक कांचा इलैया ने गाय को माता का दर्ज़ा देने के पीछे की राजनीति और साज़िश का खुलासा किया और इस देश को ‘वफैलो नेशनलिज्म’ बताया क्योंकि 70 प्रतिशत दूध का उत्पादन भैसों से होता है. उन्होंनें दलितों, मुसलमानों और आदिवासियों को एकजुट होकर इस वर्णवादी/ब्राम्हणवादी संघ परिवार के नफरती इरादों से सावधान रहने और वहिष्कार करने की अपील की.

आज सभा के शुरूरत में पहले सत्र में भूमि अधिकार आंदोलन ने हाल में राष्ट्रद्रोह के मुक़दमे ख़ारिज होने के बाद जेल से छूटने वाले कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई का ज़ोरदार स्वागत किया और उनके संघर्ष को सलाम किया। उनके अलावे सभा को जय किरण (AIKKMS), आराधना भार्गव (NAPM), राजीव यादव (रिहाई मंच), अरविंद अंजुम झारखंड, तरुण जोशी उत्तराखंड वन पंचायत, सेलवरज तमिलनाडु, व्य्यू रेडी कर्नाटक, हरीश गुप्ता अग्रगामी किसान सभा, एवं अखिल भरतिया किसान सभा के हरियाणा, उत्त्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, एवं अन्य राज्यों के साथियों ने सम्बोधित किया । सत्र का संचालन मधुरश ने किया ।

तृणमूल कांग्रेस की नेता डोला सेन ने मुस्लिम व दलित किसानों/पशुपालकों पर हो रहे इन हमलों की भर्त्सना की और इसे देश की अखंडता व सद्भाव के लिए ख़तरा बताया. समाजवादी नेता शरद यादव ने संघ परिवार के नापाक मंसूबों का पर्दाफाश किया और इसके घृणित इरादों को चुनौती देने के लिए देश की जनता का आव्हान किया. उनहोंने कहा कि देश की जनता शांति व भाईचारे से रहना चाहती है लेकिन संघ परिवार साम्प्रादायिकता का ज़हर बू रही है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव कॉम.सीताराम येचुरी ने अपनी पार्टी का पूरा समर्थन भूमि अधिकार आन्दोलन को देते हुए मेहनतकशों के पक्ष में संघर्ष तेज़ करने करने के लिए भूमि अधिकार आन्दोलन को बधाई व आभार प्रकट किया. उनहोंने कहा कि अब हमें तय करना है कि देश में लोकतान्त्रिक, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी गणराज्य होगा या संघ परिवार का हिन्दू राष्ट्र/भीड़तंत्र होगा. अब संघर्ष आमने सामने का है.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (सीपीआई) के नेता कॉम. सुधाकर रेड्डी ने देश में संसदीय  प्रणाली के सामने चुनौतियों का ज़िक्र किया और गाय के नाम पर हो रही हत्याओं पर सरकारों की चुप्पियों पर सवाल उठाये.

एनडीए से अलग हुए स्वाभिमान पक्ष के किसान नेता व सांसद राजू सेट्टी ने किसानों के खिलाफ इस सरकार द्वारा की जा रही साजिशों के खिलाफ लम्बी व निर्णायक लड़ाई शुरू करने की बात कही व 2019 के आम चुनावों में इन्हें सबक सिखाने का संकल्प दोहराया.

समावेश में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री डी.पी.त्रिपाठी, फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव जी. देवराजन, एसयूसीआई के पोलित ब्यूरो सदस्य सीओ. असित भट्टाचार्या, डीएमके नेता श्री एलनकोवन , सीपीआई (एम् एल) के नेता कॉम. पुरुषोत्तम शर्मा, राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के नेता वही.एम. सिंह ने अपने पक्ष रखे व भूमि अधिकार आन्दोलन की इस विषय पर जारी मुहीम का समर्थन किया.

सभा का संचालन भूमि अधिकार आन्दोलन के नेता कॉम. हन्नान मोल्लाह ने किया और आभार कॉम. अतुल अनजान ने किया.

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