बजट प्रक्रिया पर मोदी सरकार की हेराफेरी पर कांग्रेस की आंखें लाल

नई दिल्ली, 24 जनवरी। केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार के आगामी बजट सत्र में पूर्ण बजट पेश करने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने सरकार के इस कदम पर कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने माइक्रो ब्ल़गिंग साइट ट्विटर पर ताबड़तोड़ ट्वीट किए। उन्होंने कहा

“चुनाव से कुछ महीने पहले नियमित रूप से बजट पेश करने का भाजपा सरकार का कदम नियमों और स्थापित संसदीय प्रथाओं के खिलाफ है।  सरकार का कार्यकाल 5 वर्ष है जो मई 2019 में समाप्त होताीहै। सरकार ने 5 पूर्ण बजट प्रस्तुत किए और केवल एक लेखानुदान प्रस्तुत कर सकती है।“

श्री शर्मा ने कहा,

“12 महीनों के बजट के लिए, सरकार के पास कार्यकाल शेष होना चाहिए। 3 महीने का कार्यकाल और 1 वर्ष का बजट विचित्र और अभूतपूर्व है। यह नहीं भूलना चाहिए कि बजट, के बाद वित्त विधेयक है जिसे 75 दिनों में अपनाया जाना चाहिए।“

कांग्रेस नेता ने कहा,

“सरकार की मंशा संदिग्ध है। झूठे वादे करने और उन वादों को पूरा करने में विफल रहने के बाद, यह भव्य घोषणाएं करने और लोगों को संविधान और संसदीय प्रथाओं की अवहेलना करने के लिए उकसाने का एक हताश प्रयास है।“

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