भाजपा की जन रक्षा यात्रा में संघ कार्यकर्ताओं ने लगाए मोदी-रमन सरकार विरोधी नारे

स्थिति संभलते न देख मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया. तनाव के स्थिति के बीच भाजपा को अपना कार्यक्रम समय से पहले ही जल्दी खत्म करना पड़ा....

नई दिल्ली। केरल में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित हत्या के विरोध में जन रक्षा यात्रा निकाल रही भाजपा के साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में “मियाँ की जूती मियाँ की चांद” वाली कहावत फिट हो गई जब संघ कार्यकर्ताओं ने मोदी-रमन सरकार विरोधी नारे लगाए, जिसके चलते भाजपा को अपना कार्यक्रम समय से पहले ही जल्दी खत्म करना पड़ा।

छत्तीसगढ़ के एक स्थानीय समाचार पोर्टल छत्तीसगढ़.को ने इससंबंध में खबर प्रकाशित की है। पूरी खबर निम्नवत् है -

रायपुर: भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को आज उस वक्त शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा जब उनके सामने ही प्रदर्शन कर रहे एक संघ के लोगों ने पीएम मोदी और प्रदेश के मुखिया के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिस दौरान यह नारेबाजी हो रही थी उस दौरान वहां राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पाण्डेय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, प्रेम प्रकाश पाण्डेय, रमशीला साहू समेत सरकार के आधा दर्जन मंत्री और कई बड़े नेता मौजूद थे।

बनी तनाव की स्थिति

दरअसल केरल में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे नेताओं की जन सुरक्षा यात्रा जब धरना स्थल पहुंची तो उस दौरान वहां पहले से प्रदर्शन कर रहे छत्तीसगढ़ प्रेरक पंचायत संघ के लोग जमकर नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी की वजह से भाजपा कार्यकर्ता और प्रेरक संघ के बीच तनाव की स्थिति बन गई.

नारेबाजी को देखते हुए मंत्री राजेश मूणत प्रेरक संघ के बीच पहुंचे जहां उन्होंने संघ के लोगों से भी बात की, लेकिन उसके बावजूद वहां सरकार विरोधी नारेबाजी चलती रही। नारेबाजी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संघ का माइक भी बंद करवा दिया. लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने आग में घी का काम किया और प्रेरक संघ ने नारेबाजी और ज्यादा तेज कर दी. आखिरकार स्थिति संभलते न देख मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया. तनाव के स्थिति के बीच भाजपा को अपना कार्यक्रम समय से पहले ही जल्दी खत्म करना पड़ा.

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