परसदा में अटल आवास भाजपा के भ्रष्टाचार के कारण पानी-पानी

अटल आवास नाम बड़े दर्शन छोटे भाजपा के भ्रष्टाचार ने बेड़ा गर्क किया अटल जी के सपनों का

हस्तक्षेप डेस्क
Updated on : 2018-08-29 21:32:39

परसदा में अटल आवास भाजपा के भ्रष्टाचार के कारण पानी-पानी

अटल आवास नाम बड़े दर्शन छोटे भाजपा के भ्रष्टाचार ने बेड़ा गर्क किया अटल जी के सपनों का

रायपुर/29 अगस्त 2018। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल दुर्ग संभाग के द्वारा पाटन विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारी नगर पालिका परिषद के परसदा वार्ड क्रमांक 16 में बनाए जा रहे अटल आवास के जलमग्न होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अटल आवास नाम बड़े दर्शन छोटे के तर्ज पर है। गरीबों के सिर पर छत देने की अटल जी के सपनों का भाजपा के भ्रष्टाचार ने बेड़ा गर्क किया। भाजपा सरकार की खोटी नियत और कमीशनखोरी के कारण गरीबों का निर्माणधीन अटल आवास पानी-पानी हो गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिये विकास के मायने भाजपा सर्मथित पूंजीपति, उद्योगपति, ठेकेदार हैं, जिन्हें गरीबों के नाम से योजना बनाकर फायदा पहुंचाना है। सरकारी खजाने से गरीबों के उत्थान के लिए अरबों रुपए की राशि निकाली जाती है लेकिन लाभ गरीबों को नहीं मिल पाता है। अधिकारियों की अदूरदर्शिता और भाजपा सरकार की कमीशनखोरी नीति के फलस्वरूप निर्माण स्थल नहीं बदला गया जिसका खामयाजा गरीब हितग्रहियों को भुगतना पड़ेगा।

भूपेश बघेल ने पत्र लिखकर अटल आवास के जलमग्न होने के बारे में चेताया था

कुम्हारी नगरपालिका के परसदा ग्राम में बन रहे अटल आवास योजना को लेकर 22 जुलाई 2014 को पाटन विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आपत्ति दर्ज करायी थी एवं शासन को आगाह किया था जिस स्थान पर अटल आवास का निर्माण किया जा रहा है वह बारिश में पूर्णता जलमग्न हो जाता है जिससे भविष्य में आबंटितों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है तथा जानमाल के नुकसान होने एवं निर्माण कार्य में व्यय करोड़ों रुपए का नुकसान होने की पूर्णता संभावना है।

आश्वस्त किया था छत्तीसगढ़ निर्माण मंडल संभाग दुर्ग ने कि भविष्य में परिसर में पानी नहीं भरेगा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के आपत्ति के जवाब में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल संभाग दुर्ग ने 1 अगस्त 2014 को पत्र लिखकर इस बात को स्वीकार किया था कि निर्माण स्थल असमतल है, कुछ हिस्से की भूमि अधिक गड्ढे में होने के कारण अतिवृष्टि होने से नाले का पानी उस हिस्से में भर जाता है। योजना के क्रियान्वन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है इसमें मुरम फीलिंग कर ऊंचा किया जाएगा। कार्यस्थल के बगल से गुजरने वाले नाले के किनारे रिटेनिंग वाल एवं परिसर के चारों तरफ बाउंड्री वाल का निर्माण किया जा रहा है। पूरे परिसर की ऊंचाई एचएफएल से 2 फीट ऊपर रखी गई है। अतः भविष्य में क्षेत्र के डूबान में आने की संभावना नहीं है एवं आश्वस्त किया था कि भविष्य में उक्त निर्माण परिसर में पानी नहीं भरेगा।

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