मैं इंडिया में रैप म्यूजिक की पहचान बदलना चाहता हूँ – ऋषिकेश पाण्डेय

एजेंसी

ऋषिकेश पाण्डेय, जिन्होंने हाल ही में ‘जय जय मध्य प्रदेश’ सोंग पर काम किया हैं, बोले, इंडिया में रैप गाने कैसे बनते हैं और अपनाये जाते हैं, इसको बंदलने पर काम कर रहा हूँ.

म्यूजिक डायरेक्टर ऋषिकेश पाण्डेय, जो स्वच्छ भारत अभियान के लिए रैपर बन गए हैं, उन्होंने शुर्कवार को मीडिया के बातचीत की!

ऋषिकेश के सोशल सोंग बॉलीवुड फ़िल्मी सोंग जिनते ही फेमस हैं, इसके बारे में बात करते हुए बोले, “देखो आमतौर पर जब आप कोई सोशल मेसेज वाले सोंग सुनते हैं, तो वो काफी रुखेसुखे होते हैं, लेकिन मैं उनमे मेलोडी एड्ड करता हूँ. अगर आप मेरा पहला गाना ‘हो हल्ला’ सुने या कोई और गाना सुने, तो आपको अहसास हो जायेगा की सीओ फिल्म के गानों जैसे ही हैं. लोगो इन गानों को इनकी धुनों के लिए सुनते हैं. मैं लिरिक्स काफी आसान इस्तेमाल करता हूँ, ताकि लोग इसे आसानी से याद कर सके. इसीलिए मेरे सोशल सोंग्स को इतना अच्छा रेस्पोंस मिलता हैं. मुझे यह देख कर ख़ुशी होती हैं की लोग सोशल सोंग्स को सुन रहे हैं और उन्हें पसंद कर रहे हैं”

“और सबसे बड़ी बात, आजकल बॉलीवुड में रैप सोंग ज्यादातर शराब और लडकियों को लेकर बनते हैं, जो सही नहीं हैं. रैप सोंग के जरिये कोई टॉपिक या इशू सामने लाया जाना चाहिए और यही मैं कर रहा हूँ. जिस तरह से इंडिया में रैप सोंग बनते हैं और उन्हें एक्सेप्ट किया जाता हैं, मैं इस तरीके को बदलना चाहता हूँ”

ऋषिकेश का नया गाना “जय जय मध्य प्रदेश”, हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 23 जून को इंदौर में लांच किया था.

बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के बारे में बात करते हुए, ऋषिकेश बोले, “देखो मैं पहले गाने में रैप नहीं करना चाहता था, लेकिन जब मुझे कोई सप्पोर्ट नहीं मिला तो मैं खुद ही कुछ करने का फैसला किया. मेरे पहले गाने की सफलता के बाद मुझे कॉन्फिडेंस मिला की मैं यह कर सकता हूँ. अभी मैं कुछ बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स कर रहा हूँ, जिनके गाने आप अक्टूबर के सुन पायेगे”

“मैंने मोहित चौहान के साथ एक टाइटल सोंग पर काम किया हैं, जिसका नाम किसान हैं, और मैं शंकर महादेवन के साथ भी काम कर रहा हूँ. आपको बहुत ही जल्द और जानकारी दूंगा”

ऋषिकेश ने अब तक बहुत सारे सोशल इश्यूज को गाने बनाए हैं, जैसे स्कूल चले हम सोंग जो लड़की पढाओ और नारी-शशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर बात करता हैं, और वानर सेना गाना जो ‘खुले में शौच’ जैसे गंभीर मुद्दे को उठाता हैं.

ऋषिकेश का प्रोडक्शन हाउस ‘हृबोम’ अब एनजीओ एक्टिविटीज भी शुरू कर रहा हैं ताकि स्वच्छ भारत अभियान को सप्पोर्ट कर सके.

हृबोम का लक्ष्य पिछड़े गांवों को स्वच्छ भारत अभियान के जोड़ना हैं, ताकि इस बुराई को ख़तम किया जा सके.

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