फिल्म उद्योग पर 'कलंक' दुखद : किरन राव

एजेंसी
हाइलाइट्स

"बहुत लोगों ने इसे कला के रूप में स्वीकार्य लिया पर कुछ लोग अभी भी कला को सही स्थान नहीं समझते। मुझे पूरा विश्वाश है कि लोग 'कला' को लेकर फिल्म उद्योग में जरूर आएंगे। फिल्म उद्योग में पैसे और ग्लैमरस को छोड़कर जो सबसे महत्वपूर्ण बात, लोगों का मनोरंजन करना भी हैं। फिल्म उद्योग को लगभग 105 वर्ष हो गए, फिर भी इस उद्योग के लिए लोगों के विचार सही नहीं हुए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। - किरन राव

न्यूज़ हेल्पलाइन, मुंबई, 15 सितम्बर, 2017

मामी फिल्म उत्सव की अध्यक्ष,किरन राव और निर्देशक 'अनुपमा चौपड़ा' ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फेस्टिवल में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में, सिद्धार्थ रॉय कपूर, रोहन सिप्पी और अनुराग कश्यप भी मौजूद थे। मीडिया से बात करते हुए 'किरन राव' ने कहा, "फिल्म उद्योग पर कलंक लगना दुःख की बात है।"

जब उनसे पूछा गया कि आज भी कई भारतीय माता-पिता नहीं चाहते कि उनके बच्चे सिनेमा में जाये, इस पर 'किरन राव' ने कहा." सभी देशो में सिनेमा को लेकर लोगों के अलग-अलग विचार हैं। दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहा लोग अपने बच्चो को फिल्म उद्योग में नहीं भेजना चाहते। कई देशों में, कला, संगीत, कलाकार को बहुत उच्च दर्जा दिया जाता है। हम एक कलाकार के रूप में जाने जाते हैं, बहुत अच्छा लगता है।

"बहुत लोगों ने इसे कला के रूप में स्वीकार्य लिया पर कुछ लोग अभी भी कला को सही स्थान नहीं समझते। मुझे पूरा विश्वाश है कि लोग 'कला' को लेकर फिल्म उद्योग में जरूर आएंगे। फिल्म उद्योग में पैसे और ग्लैमरस को छोड़कर जो सबसे महत्वपूर्ण बात, लोगों का मनोरंजन करना भी हैं। फिल्म उद्योग को लगभग 105 वर्ष हो गए, फिर भी इस उद्योग के लिए लोगों के विचार सही नहीं हुए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है।

मामी फिल्म महोत्सव की शुरुआत 'अनुराग कश्यप' द्वारा निर्देशित फिल्म 'मुक्केबाज' से होगी। अनुराग कश्यप इस फिल्म महोत्सव से भी जुड़े है। इस बारे में जब फिल्म निर्माता 'अनुपमा' से पूछा गया कि फिल्म को निष्पक्ष जज करने के लिए क्या प्रतिक्रिया है तो उन्होंने कहा," अनुराग इस फिल्म महोत्सव से जुड़े है। पर फिल्म को जज करने में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता। हमने उनकी फिल्म को देखा और हमें लगा की शुरुआत के लिए इससे अच्छी फिल्म नहीं हो सकती।

अनुराग कश्यप ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा,"जब मामी फिल्म महोत्सव के सारे सदस्यों ने इस फिल्म को तो उन्होंने निर्णय लिया, कि इसी फिल्म से शुरुआत की जाएगी। मुझे बहुत गर्व हो रहा है मेरी फिल्म पहली बार, मामी फिल्म महोत्सव में चलाई जाएगी।

 1 9 वें मुंबई फिल्म फेस्टिवल में 49 देशों से की फ़िल्में आएँगी। जिसमें 51 भाषाओं में 232 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी, हिंदी से अंग्रेजी, सामोन से ब्रज तक। दीपेश जैन की छाया में (गली गुलियान), देवशिष माखीजा की अजजी, श्लोक शर्मा की चिड़ियाघर जैसी फिल्मे भारत से होंगी। । जबकि कोलंबिया के बैड लकी गोट, टर्की से  (दहा), संयुक्त राज्य अमेरिका की क्वेस्ट, स्पेन की समर 1993 जैसी फिल्मे प्रतिस्पर्धा के लिए आएँगी।

 मामी मुंबई फिल्म समारोह 12 से 18 अक्टूबर तक होगा।

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